9 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

आलकी के पालकी जय कन्हैयालाल की, नंद के घर आंनद भयो, जय हो कान्हालाल की

आलकी के पालकी जय कन्हैयालाल की, नंद के घर आंनद भयो, जय हो कान्हालाल की

2 min read
Google source verification
आलकी के पालकी जय कन्हैयालाल की, नंद के घर आंनद भयो, जय हो कान्हालाल की

आलकी के पालकी जय कन्हैयालाल की, नंद के घर आंनद भयो, जय हो कान्हालाल की


मंदसौर.
आलकी के पालकी जय कन्हैयालाल की, नंद के घर आंनद भयो जय हो कान्ला लाल की। इस तरह के जयकारों की गुंज शुक्रवार को शहर सहित पूरे जिले के मंदिरों में रही। कृष्ण मंदिरों को विशेष सजाया गया तो भगवान का भी विदेशी फूलों से लेकर आकर्षक श्रृंगार किया गया। कोविड की दो साल से चली आ रही बंदिशों के हटने के बाद इस बार कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व उत्साह के साथ मनाया गया। मंदिरों से लेकर हुए आयोजनेां में भक्तों की अपार भीड़ उमड़ी। इस बार जन्माष्टमी पर्व की रंगत हर ओर नजर आई। घरों से लेकर मंदिर और सार्वजनिक और बड़े आयोजन हुए। मटकी फोड कार्यक्रम देररात को हुए। मंदिरों में महाआरती के साथ ही दर्शनों का दौर भी जारी रहा। खाटुश्याम मंदिर पर छप्पन भोग का आयोजन किया गया तो विहिप ने अपना स्थापना दिवस मनाया गया। इसके साथ ही कई सामाजिक संस्थाओं से लेकर अनेक संगठनों भी जन्माष्टमी पर दिनभर आयोजन किए। वहीं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी जन्माष्टमी पर्व को लेकर दिनभर बधाईयों का दौर जारी रहा। शुक्रवार को पूरे जिले में हर और नंदलाल के जन्मोत्सव की धुम रही।
कृष्णमय माहौल में हर और गुंजे जयकारें, सुने रहे चौराहे
कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर हर और कृष्ण भक्ति की रंगत देखी गई। मटकी फोड़े से लेकर अन्य कार्यक्रम में जयकारों की गुंज रही। शाम को चौराहों पर कृष्णमय माहौल हो गया। कृष्ण की भक्ति से सराबोर माहौल में भक्तों ने मटकी उतारी तो जयकारें भी लगाए। मंदिरों में दिनभर भक्तों की आवाजाही का दौर जारी रहा तो रात को १२ बजते ही महाआरती के साथ घंटी-घडिय़ाल की गुंजे के साथ भगवान के जयकारों की गुंज रही। तो घरों में भी भगवान का जन्मोत्सव भक्तों ने मनाया। पंजेरी का नैवेद्य लगाकर प्रसाद वितरित की गई।
विदेशी फूलों से सजा खाटुश्याम का दरबार तो लगा छप्पन भोग
जन्माष्टमी को लेकर संजीत रोड स्थित खाटुश्याम मंदिर पर भक्तों की विशेष रुप से आवाजाही रही। मंदिर को विशेष रुप से सजाया गया। खाटुश्याम का भी मनमोहक श्रृंगार किया गया। विदेशी फूलों से बाबा श्याम का अलौकिक श्रृंगार किया गया। दिनभर दर्शनों के साथ जयकारों की गुंज रही। शाम को बाबा को छप्पन व्यंजनों का भोग लगाया गया। शाम को झिलमिलाती रोशनी के बीच बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे और महाआरती की गई। तो इसके साथ ही ग्वाला समाज ने भी जन्माष्टमी पर्व मनाया। पोशाक यात्रा निकाली गई। इसके साथ धानमंडी स्थिति हरदोलाला मंदिर पर भगवान का जन्मोत्सव मनाया गया। महाआरती की गई। जीवागंज क्षेत्र में जगदीश मंदिर में दिनभर दर्शनों का दौर चला। विशेष श्रंृगार किया गया। रात को अभिषेक के बाद जन्मोत्सव के साथ महाआरती हुई। शनिवार को नंद उत्सव मनाया जाएगा। समीप में गोवर्धननाथ मंदिर में जागरण महोत्सव मनाया गया। जन्मोत्सव के दौरान लोगों की आवाजाही नहीं रही। दूर से दर्शन किए।