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बकायादारों पर सख्ती के बीच बिजली कंपनी सरकारी विभागों पर मेहरबान

बकायादारों पर सख्ती के बीच बिजली कंपनी सरकारी विभागों पर मेहरबान

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मंदसौर.
वित्तीय वर्ष के अंतिम दौर में सभी विभाग राजस्व वसूली में लगे है। ऐसे में बिजली कंपनी भी बकायादारों पर सख्ती के साथ कनेक्शन काटकर वसूली में लगी है। ८ फरवरी से शुरु अभियान में १५ हजार से अधिक कनेक्शन काटे भी जा चुकी है लेकिन वसूली के इस अभियान में बिजली कंपनी का दोहरा रवैया भी सामने आया है। आम उपभोक्ता की राशि बकाया होने पर जहां कनेक्शन काटे जा रहे है। वहीं सरकारी विभागों की बकायाराशि होने के बाद भी बिजली कंपनी उन पर मेहरबान बनी हुई है। साढ़े ८ करोड़ से अधिक की राशि सरकारी विभागों पर जिले में बकाया है। इसमें से साढ़े ६ करोड़ की बड़ी राशि तो पंचायतों पर जलप्रदाय की ही बकाया है। कंपनी के इस सोतेलेपन पर अब सवाल खड़े हो रहे है। अकेले जिला मुख्यालय पर ही सरकारी विभागों में ५० लाख से अधिक की राशि बकाया है।


समय पर बिजली बिल जमा नहीं करने वाले सभी तरह के कनेक्शनधारी उपभोक्ताओं पर जिले में 57 करोड़ रुपए बकाया है। बकाया वसूली के लिए मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के दल शहर सहित जिले भर में घूम रहे हैं और लोगों के कनेक्शन काटने की कार्रवाई कर रही है। विद्युत कंपनी के अधिकारी व कर्मचारी घरेलू व ओद्योगिक कनेक्शन में बकाया होने पर कनेक्शन काटने में कोई देरी नहीं कर रहे हैं। कलेक्ट्रेट में संचालित विभागों पर ही ६ लाख की राशि बकाया है। जिला पंचायत से लेकर जिला अस्पताल, एसपी कार्यालय, सीएसपी कार्यालय, शहर कोतवाली, वायडी नगर थाना सहित पुलिस के कार्यालय, ग्राम पंचायतों सहित 20 से अधिक शासकीय विभागों पर ही साढ़े ८ करोड़ से अधिक की राशि बकाया है।


सबसे ज्यादा जोर घरेलू कनेक्शकन काटने पर ही
अभी वसूली में भिड़े बिजली कंपनी के अधिकारी कर्मचारी बकायादार उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटने की कार्रवाई कंपनी द्वारा की जा रही है। इसमें सबसे ज्यादा घरेलू कनेक्शन ही काटे जा रहे हैं वह भी पिछड़ी बस्तियों में या उन क्षेत्रों में जहां लोग ज्यादा विरोध नहीं कर पाते हैं या उनकी पैरवी करने कोई नेता या प्रभावशाली नहीं आ रहा हैं। बकायादारों से चल रही वसूली के बीच विद्युत कंपनी द्वारा 15 हजार से अधिक कनेक्शन काटे जा चुके हैं। शासकीय विभागों पर भी करोड़ों बकाया है। सबसे ज्यादा बकाया ग्रापं पर है। इसके साथ ही अन्य सभी अहम विभागों पर भी बिजली बिलों की राशि बकाया है। आम उपभोक्ता की दो माह से अधिक बकाया होने पर कार्रवाई हो रही है लेकिन सरकारी विभागों में महीनों से राशि बकाया होने के बाद भी कनेक्शन काटना तो दूर उन्हें नोटिस तक नहीं दिया जा रहा है।


जिले में घरेलू उपभोक्ताओं पर 38 करोड़ रुपए बकाया
विद्युत वितरण कंपनी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जिले में घरेलू, व्यवसायिक और ओद्योगिक, शासकीय सभी श्रेणी के 1 लाख 81 हजार उपभोक्ताओं पर 57 करोड़ 56 लाख 30 हजार रुपए बकाया है। इनमे कई उपभोक्ताओं ने छह-छह माह से बिजली बिल जमा नहीं कराए है। सर्वाधिक 1 लाख 58 हजार 615 घरेलू उपभोक्ता शामिल है। जिन पर 38 करोड़ रुपए से ज्यादा बकाया है। बकाया राशि जमा करने वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन बहाल भी किए जा रहे हैं।


मंदसौर शहर में यह है स्थिति
जिला मुख्यालय पर घरेलू, गैर घरेलू एवं ओद्योगिक कनेक्शन वाले 2029 उपभोक्ताओं ने दो माह या इससे अधिक समय से बिजली बिल जमा नहीं कराया है। इन उपभोक्ताओं पर 1 करोड़ 60 लाख 54 हजार रुपए बकाया है। ऐसे में बकायादारों के कनेक्शन काटने का क्रम जारी है। इसके अलावा जिला अस्पताल, जिला पंचायत, कलेक्टर कार्यालय में संचालित विभागों के अलावा पुलिस, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, बीएसएनल सहित अन्य शासकीय कार्यालयों पर करीब 50 लाख रुपए बकाया है। पर इन विभागों पर सख्ती नहीं की जा रही है।


भुगतान आते है
सरकारी विभागों को भी बकाया राशि के लिए पत्राचार किया जा रहा है। फंड के साथ उनका भुगतान आता है तो वह राशि आने की प्रक्रिया की जानकारी देते है। तो कई कनेक्शन पानी, प्रकाश जैसी जरुरी सुविधाओं के भी होते है। इसलिए इंतजार करना होता है। हालांकि बजट के साथ सभी विभागों से बकाया राशि जमा होती है। -सुधीर आचार्य, अधीक्षण यंत्री, मप्र विद्युत वितरण कंपनी