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मंदसौर

video गांधीसागर से चली चंबल ने पकड़ी गांवों की राह, खेतों को करेगी तर

गांधीसागर से चली चंबल ने पकड़ी गांवों की राह, खेतों को करेगी तर

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मंदसौर.
पिछले ५-७ सालों से गांधीसागर से चंबल का पानी जिले के किसानों को सिंचाई के लिए खेतों तक पहुंचाने की योजना पर काम चल रहा है। लेकिन साल के अंत में विधानसभा चुनाव होना है और इस चुनावी साल में इन योजनाओं पर काम अचानक तेज हो गया है। सिंचाई योजना से जिले दो लाख से अधिक किसानों को साधने की कवायद के चलते काम के साथ प्रक्रियाओं ने रफ्तार पकड़ ली है। २३७४ करोड़ की योजना का कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री भूमिपूजन कर गए तो १६६२ करोड़ की योजना पूरी होने वाली है वहीं मल्हारगढ़ की ८७६.६२ करोड़ की योजना की टेंडर प्रक्रिया चल रही है। इसका भी भूमिपूजन जल्द होगा। वहीं चंबल नदी पर अन्य बनी योजना जिनका काम पूरा हो चुका है या होने वाला है। हालांकि मंदसौर को छोड़ जिले की चारों विधानसभा में चंबल का पानी खेतों तक पहुंचेगा। ५६४६.६२ करोड़ में जिले के ७२७ गांवों तक चंबल पहुंचेगी और २८१५७१ हेक्टेयर जमीन को सिंचित करेगी। वहीं जो ४८ गांव इन योजनाओं में छुट गए सीएम की घोषणा के बाद उन्हें शामिल करने का प्रस्ताव तैयार होकर भेजा जा चुका है।
७२७ गांवों के दो लाख से अधिक किसानों के खेतों की प्यास बुझाएगी चंबल
चंबल नदी पर सिंचाई की जिन योजनाओं पर काम चल रहा है। इनसे जिले के ७२७ गांवों तक किसानों के खेतों में पहुंचकर चंबल २८१५७१ हेक्टेयर क्षेत्र में खेतों की प्यास बुझाएगी। ढाई लाख किसानों वाले इस जिले में चंबल दो लाख से अधिक किसानों के खेतों को सिंचित करेगी। इन योजनाओं पर शासन ५६४६.६२ करोड़ की बड़ी राशि खर्च करेगा। इससे किसानों की फसल का उत्पादन बढ़ेगा। भानपूरा की कैनाल योजना ३४ गांवों में १३३५४ तो गरोठ सिंचाई योजना से ६२ गांवों में २१४०० हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का पानी पिछले ४ से ५ सालों से खेतों तक पहुंच रहा है। वहीं भानपूरा में ताखाजी योजना ९ गांवों में ३२०० हेक्टेयर क्षेत्र को सिङ्क्षचत करेगी। इसका काम आधा हो चुका है। वहीं शामगढ़-सुवासरा माइक्रो सिंचाई योजना १६६२.४ करोड़ में २२६ गांवों की ८५११७ हेक्टेयर जमीन में सिंचाई करेगी। इसका काम भी ८२ प्रतिशत तक हो चुका है और साल के अंत तक खेतों तक पानी पहुंचेगा। वहीं कयामपुर माइक्रो सिंचाई योजना २५२ गांवों में ११२००० हेक्टेयर जमीन को सिंचित करेगी। इसका काम शुरु होने वाला है तो मल्हारगढ़ माइक्रो सिंचाई योजना में ११४ गांवों की ४६५०० हेक्टेयर जमीन सिंचित होगी। इसके टेंडर जारी हो चुके है।
मंदसौर को छोड़ जिले की तीन विधानसभा के गांवों में पहुंची चंबल
जिले में गांधीसागर चंबल का पानी खेतों तक लाकर किसानों को सिंचाई के लिए देने की दो योजना तो चालू है। गरोठ-भानपूरा क्षेत्र में खेतों में चंबल का पानी पहुंच रहा है। वहीं सुवासरा, शामगढ़ व कयामपुर, सीतामऊ क्षेत्र के लिए दो बड़ी योजनाएं मंजूर है। एक का काम ८५ प्रतिशत तक पूरा हो चुका है और इसी साल के अंत तक पानी खेतों पर पहुंचेगा तो वहीं एक अन्य योजना का भूमिपूजन हो चुका है। इसका भी काम जल्द शुरु होगा तो मल्हारगढ़ विधानसभा में भी चंबल का पानी आएगा। योजना की मंजूरी के बाद टेंडर प्रक्रिया हो गई है और चुनावी साल के चलते इसका भूमिपूजन भी जल्द होगा। वहीं गरोठ-भानपूरा क्षेत्र में ताखाजी योजना का काम ५० प्रतिशत तक हो चुका है। जिले की चार में से तीन विधानसभा के गांवों तक चंबल पहुंची। इसमें गरोठ, सुवासरा व मल्हारगढ़ है। हालांकि मंदसौर विधानसभा के गांवों में सिंचाई के लिए चंबल का पानी नहीं पहुंचा है।