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विहिप नेता युवराजसिंह हत्याकांड का मुख्य आरोपी दीपक तंवर राजस्थान में धराया

विहिप नेता युवराजसिंह हत्याकांड का मुख्य आरोपी दीपक तंवर राजस्थान में धराया

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विहिप नेता युवराजसिंह हत्याकांड का मुख्य आरोपी दीपक तंवर राजस्थान में धराया

विहिप नेता युवराजसिंह हत्याकांड का मुख्य आरोपी दीपक तंवर राजस्थान में धराया

मंदसौर.
विहित नेता युवराजसिंह हत्याकांड का मुख्य आरोपी दीपक तंवर मंगलवार को राजस्थान में धराया। उदयपुर जिले में पिस्टर के साथ १० हजार का इनामी फरार आरोपी पुलिस गिरफ्त में आया। ९ अक्टूबर को शहर के गीताभवन अंडरब्रिज के समीप हुई युवराजसिंह की हत्या में दीपक मुख्य षडय़ंत्रकारी था। हत्याकांड के बाद से ही दीपक फरार चल रहा था।

फिलहाल एक आरोपी अनीस मेवाती इस हत्याकांड में अभी भी फरार है। दीपक को राजस्थान से लेने के लिए मंदसौर कोतवाली पुलिस जाएगी। वहां से प्रोडेक्शन वारंट पर मंदसौर लाने के बाद यहां पूछताछ होगी।


हत्या के डर से भागता फिर रहा था दीपक, रिश्तेदारों के यहां रहा
राजस्थान में उदयपुर जिले की हिरणमगरी पुलिस ने दीपक को पकड़ा। पुलिस ने बताया कि दीपक पिता जीवन तंवर को देशी पिस्टल व स्टील लगी मेगजीन व दो जिंदा कारतूस जिनक पर केएफ ७.६५ लिखा हुआ और वह प्लास्टिक के डिब्बे में रखे हुए थे। इनके साथ पकड़ा।

दीपक ने ९ अक्टूबर को युवराजसिंह की हत्या के लिए छोटू उर्फ फैजान, अंकित तंवर, लाला गोस्वामी को भेजा था। तीना को पुलिस ने पकड़ा था। हत्याकांड में शामिल विक्की उर्फ हेमंत, अनिल, विकास जाटव, सुनील गोस्वामी को भी पुलिस ने पहले गिरफ्तार किया। मंदसौर पुलिस ने फरार आरोपी दीपक व अनिस पर १० हजार का इनाम घोषित किया था। इसमें से दीपक पकड़ाया। पुलिस ने बताया कि हत्याकांड के बाद से दीपक उदयपुर में आकर अपना मोबाईल तोड़ दिया और चचेरे मामा कालू के पास छिपा रहा।

दीपक ने फरारी काटने के लिए उदयपुर, मुंबई, तिरुपती इंदौर, उज्जैन, आगर, मथुरा, हरिद्वार, ऋषीकेश, दिल्ली, जयपुर, अहमदाबाद, इंदौर, आगर, हरिद्वार उदयपुर हो फिर इंदौर जाने की फिराक में था। जिसे पुलिस ने पिस्टल के साथ पकड़ा। पुलिस से बचने के लिए दीपक मोबाईल का उपयोग नहीं कर रहा था। जरुरत होने पर वह रिश्तेदारों के मोबाईल से बात कर रहा था। उदयपुर में चचेरे मामा कालू के साथ इंदौर में मौसी किरण और आगर में बहन राखी के पास रहा और धार्मिक स्थलों में रुककर फरारी काटी। दीपक अपनी हत्या के डर से भागता फिर रहा था। क्योंकि उसे डर था कि युवराजसिंह ने उसकी हत्या के लिए शूटर भेजे थे। मंदसौर से भागने से पहले दीपक के पास ५० हजार नगद थे और ७० हजार रुपए उसके खाते में थे। फरारी के दौरान इसी से उसने गुजारा किया।


दीपक को लेने जाएगी मंदसौर पुलिस की टीम
सीएसपी नरेंद्र सौलंकी ने बताया कि युवराजसिंह हत्याकांड का मुख्य षडय़ंत्रकारी दीपक तंवर था। दीपक ने विक्की गौसर के साथ मिलकर हत्याकांड की योजना बनाई थी। विक्की पूर्व में पुलिस गिरफ्त में आ चुका है। दीपक पर पुलिस ने १० हजार का इनाम घोषित कर रखा था। इस मामले में रेकी करने में शामिल अनिस मेवाती की अभी पुलिस को तलाश है। कोतवाली पुलिस वहां जाकर प्रोडेक्शन वारंट पर आरोपी दीपक को मंदसौर लाएगी। फिर मामले में यहां पुलिस पूछताछ करेंगी। दीपक पर खुद को गरीब बताकर प्रधानमंत्री आवास का लाभ लेने के मामले में भी धोखाधड़ी का मामला दर्ज है।