मंदसौर.
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका एकता यूनियन के प्रदेश स्तरीय आह्वान पर जिले की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं सोवार को एक दिन की हड़ताल पर रही। इस दौरान जिले की आंगनवाडिय़ों पर ताला लटका हुआ मिला।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओं ने शहर के गांधी चौराहा पर धरना प्रदेशन करते हुए दोपहर में ज्ञापन दिया गया इसके बाद एक दिनी हड़ताल समाप्त हुई। आंगनवाड़़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका एकता यूनियन की महासचिव संगीता जैन ने बताया कि 26 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशभर की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताएं सहायिकाएं एक दिवसीय हड़ताल पर रही है। रविवार सुबह धरना प्रदर्शन शुरू हुआ। इसे बाद सोमवार को दोपहर में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है।
उन्होंने बताया कि गांव एवं शहर में आंगनवाड़ी केंद्र शासन का एक प्रमुख केंद्र के रूप में काम कर रही है। शासन के पास मौजूद सभी आंकड़े आंगनवाड़ीकर्मियो द्वारा एकत्रित किए गए होते है। इस तरह स्थानीय स्तर पर शासन के प्रतिनिधि के रूप में 35-40 वर्षो की सेवा के बाद सेवानिवृत्ति पर कार्यकर्ता आंगनवाड़ी कर्मियों को पेंशन, ग्रेच्यूटी आदि कोई भी सेवानिवृत्ति का लाभ नहीं दिया जाता है। यह धरना एवं हड़ताल मानदेय से काटे गए राशि वापसी, सेवानिवृत्ति पर कार्यकर्ता को एक लाख एवं सहायिका को 75 हजार रुपए लाभ देने सहित अन्य मांगों के निराकरण नहीं करने के विरोध में किया गया है।
आंगनवाडी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की मांग है कि उन्हें भी नियमित कर्मचारी का दर्जाए न्यूनतम वेतन एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभ मिले। इसके साथ ही मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप सेवा निवर्ती पर कार्यकर्ता को एक लाख और सहायिका को 75 हजार दिए जाए। सीएम की यह घोषणा पांच सालों में भी पूरी नहीं की गई। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश के बाद भी ग्रेच्युटी के आवेदनों का निराकरण के लिए सरकार कोई कदम नहीं उठा रही है। इन प्रमुख मांगों के साथ ही सोमवार को 26 सूत्रीय मांगों के लिए आंगनवाड़ी कार्यक्रताओं सहायिकाओं ने 24 घंटे की भूख और केंद्र बंद हड़ताल कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया है। गांधीचौराहे पर धरना देने के बाद रैली निकाली गई तो गांधी प्रतिमा पर मानव श्रृंखला बनाकर नारेबाजी करने के बाद ज्ञापन सौंपा गया।