मंदसौर.
मंडी प्रांगण में प्रवेश के नाम पर किसानों से पैसे मांगने के आरोप मंडी में हो रहे हंगामें के दौरान आए दिन लग रहे है। फिर भी मंडी प्रशासन इसे गंभीर नहीं मान रहा है। बीती रात को भी मंडी में प्रवेश की बात को लेकर हंगामा हो गया और कर्मचाारी व किसान आमने-सामने हो गए। इसी बात को लेकर बुधवार को किसानों ने किसान कांग्रेस के नेताओं के साथ मिलकर मंडी गेट बंद करते हुए धरना देकर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। हालंाकि मंडी प्रशासन इसे भी गंभीर नहीं मान रहा है। बीती रात को किसानों ने मंडी कर्मचारियों पर मारपीट का आरोप लगाया और कार्रवाई की बात की तो मंडी प्रशासन ने सिक्यूरिटी गॉर्ड व मंडी कर्मचारी जो गेट पर तैनात थे उन्हें वहां से हटाकर कार्यालय के काम में अन्य जगह शिफ्ट कर दिया। एक घंटे से अधिक समय तक चले इस हंगामें में मंडी की नीलामी प्रभावित हुई तो एसडीएम एसएल शाक्य भी मंडी में पहुंचे। मंडी में कभी अव्यवस्था तो कभी समय पर नीलामी तो कभी अन्य कारणों के कारण हो रहे हंगामें के बाद भी प्रशासन किसानों की सुविधा के लिए गंभीरता नहीं दिखा रहा है इसी कारण अपनी समस्याओं को लेकर किसानों को मंडी से निकलकर सडक़ो पर आना पड़ रहा है।
किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष बद्रीलाल धाकड़ बुधवार को सूचना मिलने पर मंडी में पहुंचे और किसानों से चर्चा की। इसके बाद अन्य किसान भी लामबंद हो गए और सभी एकजुट होकर मंडी गेट के बाहर आकर गेट बंद करते हुए प्रदर्शन शुरु कर दिया। मंडी में किसानों के साथ मारपीट के मामले में किसानों ने धरना प्रदर्शन और गेट पर जमा होकर मंडी प्रशासन पर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरु किया। एक घंटे से अधिक समय तक प्रदर्शन चलता रहा और किसानों का आक्रोश शांत नहीं हुआ। बाद में एसडीएम व मंडी सचिव मौके पर पहुंचे और किसानों से चर्चा की। इस दौरान एसडीएम ने कर्मचारियों के हटाने से के निर्देश दिए। इसके बाद मामला शांत हो पाया। इस दौरान अधिकारियों के सामने किसानों ने मंडी गेट पर प्रवेश के नाम पर पैसे मांगने और पैसे नहीं देने पर रात में विवाद करने की शिकायत की।
अंदर जाने के नाम पर मांगे रुपए
रात में मंडी के अंदर प्रवेश के नाम पर हंगामा हुआ। उज्जैन जिले के किसान राजेश के साथ मारपीट हुई। राजेश ने बताया कि किसानों से पैसे लेकर अंदर प्रवेश दिया जा रहा है। इसी बात को लेकर जब वह भी गेट खुलने की जानकारी लेने गया तो विवाद हुआ और कर्मचारियों ने मारपीट शुरु कर दी। मौके पर किसानों ने हंगामा किया तो किसान को लेकर चर्चा करने की कहकर लाए जहां फिर मारपीट की। इसी बात को लेकर सुबह किसानों ने हंगामा किया। राजेश व अन्य किसानों ने कर्मचारियों पर मारपीट पर प्रवेश के नाम पर पैसे मांगने का आरोप लगाया।
कर्मचारी को हटा दिया
एक दिन पहले आवक अधिक थी और बारिश होने के कारण कम वाहन अंदर लिए थे। इसी कारण रात में गेट से प्रवेश के दौरान कर्मचारी व किसान आमने-सामने हो गए थे। किसानों का कहना था कि कर्मचारियों ने मारपीट की है। इसलिए गेट के कर्मचारी दीपक व सिक्यूरिटी गॉर्ड किशोर को गेट से हटाकर अन्य जगह लगाया है। -पर्वतसिंह सिसौदिया, मंडी सचिव