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video बिजली कंपनी के टुटे तार से करंट लगने किसान की मौत, आक्रोशित किसानों ने लगाया जाम, दफ्तर पर ताला लगाकर भागे कर्मचारी

बिजली कंपनी के टुटे तार से करंट लगने किसान की मौत, आक्रोशित किसानों ने लगाया जाम, दफ्तर पर ताला लगाकर भागे कर्मचारी

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मंदसौर.
जिले के मल्हारगढ़ विकासखंड के गांव कितुखेड़ी के किसान की खेत पर टुटे बिजली के तार से करंट लगने के कारण गुरुवार को मौत हो गई। बिजली के खुले तार से किसान को करंट लगा। बताया जा रहा है कि खुले तार को लेकर कई बार लाइनमैन व बिजली कंपनी को शिकायत की लेकिन समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया। इसी कारण हादसा हुआ और इसी कारण ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया। घटना के बाद मृतक किसान का शव लेकर किसान झारडा-मल्हारगढ़ मार्ग पर पहुंचे और वहां शव रखकर चक्काजाम किया और दो घंटे से अधिक समय तक प्रदर्शन करते हुए जाम लगाया। मौके पर पहुंचे तहसीलदार ने ग्रामीणों से चर्चा कर जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया और आर्थिक सहायता देने की बात कही। इसके बाद मामला शांत हुआ। खुले तौर पर बिजली कंपनी की लापरवाही से हादसा होना सामने आने के बाद अब तक बिजली कंपनी ने इस मामले में कार्रवाई नहीं की। ग्रामीणों का बिजली कंपनी को लेकर ही आक्रोश था।
१० लाख सहायता व नोकरी की मांग की
कितुखेड़ी के किसान रामसिंह की मौत के बाद ग्रामीण एकजुट हुए और शव लेकर हाईवे पर पहुंचे। झार्डा बस स्टैंड पर शव रखकर प्रदर्शन किया। दो घंटे चले प्रदर्शन के दौरान गा्रमीणों ने प्रशासन के सामने परिवार को १० लाख की आर्थिक सहायता देने व एक सदस्य को नोकरी देने की मांग की। ग्रामीणों ने सीधे तौर पर बिजली कंपनी के लाइनमैन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार शिकायत की लेकिन विद्युत मंडल ने ध्यान नहीं दिया। इस कारण किसान की मौत हुई। उन्होंने एफआईआर दर्ज करने की मांग की। तहसीलदार संजय मालवीय के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ। इस दौरान मौके पर कांग्रेस नेता श्यामलाल जोकचंद्र पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों के साथ अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
खेत पर सिंचाई के लिए पहुंचा था किसान करंट की चपेट में आया
जानकारी के अनुसार गांव कित्तुखेडी में गुरुवार को सुबह 9.30 पर किसान रामसिंह परिहार (४२) अपने खेत पर चरी (मवेशियों के खाने की हरी घास) की सिंचाई के लिए गया था। विद्युत कनेक्शन दूसरी तरफ से लाइट लेकर खेत पर पानी पिला रहे था। इसी दौरान अचानक लाइट चालू करने पर टूटे हुए तार के कारण करंट लग गया और वह वहीं गिर गया। करंट लगने से उसकी मौत हो गई। इन टुटे हुए तारों की शिकायत किसान पहले ही लाइनमैन को कर चुका था। परिजनों एवं ग्रामीणों ने हत्या का केस दर्ज करने की मांग की साथ ही लापरवाह बिजली कंपनी के स्टॉफ को हटाने की मांग की। झारड़ा के आसपास के समस्त गांव में विद्युत लाइन खासकर चित्तौडग़ढ़, फतेहपुर, चंद्रपुरा एवं खेजड़ी में सुधार कार्य की मांग की। परिजनों एवं ग्रामीणों ने आरोप लगाया की टूटे हुए तार में लाइट बंद थी जब अचानक लाइट आई तो तार में करंट आने से किसान उसकी चपेट में आ गया। इसी कारण आक्रोशित किसानों ने दो घंटे चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद शव पोस्टमार्डम के लिए पुलिस लेकर गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाया और आवागमन सुचारु किया।
बिजली कंपनी के कर्मचारी दफ्तार पर ताला जडक़र भागे
झारड़ा में विद्युत मंडल के कर्मचारी एवं सुपरवाइजर अपने ऑफिस पर ताला जडक़र भागे गए। जब ग्रामीणों ने मांग उठाई कि सुपरवाइजर और लाइनमैन को बुलाया जाए वहां पर कोई नहीं आया। लाइनमैन की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ग्रामीण लगा रहे थे। ग्रामीणों ने कहा कि विद्युत मंडल के लाइनमैन समय पर नहीं आते ओर अपने हेल्पर से काम करवाते हैं। गांव में भी कई ऐसी जगह है जहां तार झुल रहे है। मेंटेनेंस के नाम पर लाइट बंद करते हैं पर को ही कार्य सही नहीं करते हैं। थोड़ी-थोड़ी देर में लाइट बंद कर देते है। मृतक किसान के पीएम के बाद गांव कित्तुखेडी में अंतिम संस्कार किया गया।
टीम भेजकर जांच करवा रहे है
करंट लगने से किसान की मौत हुई है। टीम भेजकर जांच कराई जा रही है। तार खुले थे और शिकायत के बाद समस्या नहीं सुनी तो कार्रवाई की जाएगी। वहीं १० लाख आर्थिक सहायता की मांग ग्रामीण कर रहे थे। प्रावधान के अनुसार राशि मंजूर की जाएगी। ४ लाख तक का प्रावधान है। -संजय मालवीय, तहसीलदार, मल्हारगढ़
वस्तुस्थिति के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा
बिजली के तार कब टुटे थे। यह देखा जाएगा। अभी मैं गरोठ क्षेत्र के दौरें पर हु। वस्तुस्थिति की जानकारी के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। -सुधीर आचार्य, अधीक्षण यंत्री, मप्र विद्युत वितरण कंपनी