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आधा बीघा में किसान कमा रहा हर साल चार लाख रूपए

आधा बीघा में किसान कमा रहा हर साल चार लाख रूपए- आधुनिक तरीके से खेती कर मात्र दो साल में बदल गई किसान की किस्मत

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एमएन-०२२७-नेट हाऊस में लहलहाती फसल एवं उपस्थित दशरथ।
मंदसौर.
जिला मुख्यालय से महज १४ किलोमीटर ग्राम बही पाश्र्वनाथ में एक किसान मात्र आधा बीघा जमीन पर खेती कर चार लाख रूपए से अधिक कमा रहा है।वह इस जमीन पर चार फसलें ले रहा है। पूर्णत: आधुनिक तरीके से खेती कर जो फसल उत्पादित कर रहा है। वह गुणवत्ता के मान से भी बहुत बेहतर है।बेहद कम पानी में खेती कर एक फसल से शुद्ध एक लाख से सवा लाख रूपए की बचत कर रहा है।
गांव बहीपाश्र्वनाथ के किसान दशरथ पाटीदार यूं तो आठ बीघा जमीन का मालिक है। मात्र आधा बीघा की जमीन पर ही खेती कर वह मालामाल हो रहा है। किसान इस जमीन पर सब्जियां उत्पादित कर रहा है।टमाटर, मिर्च, खिरा व अन्य सब्जियां पैदा करने के लिए उसने शेड नेट हाऊस बनाया है। करीब एक हजार ८ वर्ग मीटर(आधा बीघा) क्षेत्र में बनाए शेड में उसने ना केवल खरपतवार से बचने के लिए मलचींग लगाई है। वरन् ड्रीप भी लगाईहै। ड्रीप पद्धति से सिंचाईकरने से बहुत ही कम पानी में सामान्य से करीब डेढ़ से दो गुना सब्जियां उत्पादित कर रहा है। हांलाकि वह सब्जी की फसलों को निरोगी रखने के लिए न्यूट्रिएन्ट मैनेजमेंट अपना रहा है। अर्थात वह जैविक खाद दवाई के साथ रसायनिक खाद दवाईका भी संतुलित उपयोग कर रहा है। किसान दशरथ ने कहा कि २०१४-१५ में वह उद्यानिकी विभाग के संपर्कमें आया। यहां उद्यान विस्तार अधिकारी सुरेंद्र ङ्क्षसह रघुवंशी से उसे जानकारी मिली कि नेट हाऊस बनाने के लिए ५० प्रतिशत अनुदान सरकार दे रही है। उसने जैसे-तैसे रूपयों की व्यवस्था की। कुल सात लाख १५ हजार की लागत उसने शेड नेट हाऊस बनाया। इस पर उसे तीन लाख ५७ हजार का सरकारी अनुदान मिला। दो साल में उसने ना केवल नेट हाऊस की लागत निकाल ली है। वरन् अच्छे खासे मुनाफा भी कमा लिया है। दशरथ ने अभी इस नेट हाऊस में खिरा और मिर्च बो रखी है। मंदसौर की सब्जीमंडी के अलावा कभी-कभी मल्हारगढ़ और नीमच मंडी तक सब्जियां बेचते है।दशरथ ने समय निकालकर छोटी दुग्ध डेरी भी खोली है। इससे भी उसे अच्छा खासा मुनाफा हो रहा है।्र उद्यानिकी मिशन प्रभारी सुरेंद्र ङ्क्षसह रघुवंशी ने बताया कि उन्होंने स्वयं सालभर तक किसान की खेती का समय-समय पर अवलोकन किया।जानकारी जुटाईहै। किसान मात्र आधा बीघा के नेट हाऊस में करीब चार से साढ़े चार लाख रूपए साल का मुनाफा ले रहा है। इसका बड़ा कारण किसान द्वारा उन्नत वैज्ञानिक तरीके से खेती करना है।