
Himachal Pradesh's first and only coalition government
मंदसौर.
देशभर में राजनीति में परिवारवाद इन दिनों खूब चर्चा में है। ऐसे में साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भी संसदीय क्षेत्र में दोनों दलों में वह चेहरें जो परिवार व पिता की राजनीति बिसात को लेकर सामाजिक से लेकर धार्मिक व युवाओं की राजनीति में पद लेकर सक्रिय हुए है वह राजनीति का दरवाजा खटखटा रहे है। संसदीय क्षेत्र की सभी आठ सीटों पर जावरा से लेकर मनासा तक यह स्थिति दोनों ही प्रमुख दल भाजपा व कांग्रेस में बन रही है। भाजपा गुजरात फॉर्मूले की बात कर रही है ऐसे में एक परिवार से एक को टिकिट मिला तो माना जा रहा है कि कुछ सीटों पर चर्चित चेहरों की जगह उनके बेटो को भी टिकिट मिल सकता है तो कुछ सीटों पर सालों से राजनीति कर रहे बड़े चेहरें भी अपने बिसात पर अपने बेटों को मौका दिलाने में लगे है। कांग्रेस में नाहटा से लेकर सोजतिया व भाजपा में पांडेय से लेकर सिसौदिया, पाटीदार व चावला परिवार परिवार है। ऐसे में इस बार किसी की बेटी तो किसी के बेटे व बहु दादा-पिता के जमी-जमाई राजनीति की पिच पर बल्लेबाजी करने के लिए मौके की तलाश में मैदान संभाल रहे है।
युवा मोर्चा के साथ क्षेत्र में सक्रिय
पूर्व सांसद डॉ लक्ष्मीनारायण पांडेय के पौत्र व जावरा विधायक डॉ राजेंद्र पांडेय के पुत्र प्रांजल पांडेल दादा व पिता की राजनीतीक बिसात पर चलकर क्षेत्र में सक्रिय हुए है। वर्ष २०१८ के विधानसभा चुनाव के बाद से सक्रियता बढ़ाई है। मंदसौर के युवा मोर्चा के प्रभारी होने के साथ युवा मोर्चा की राजनीति में सक्रिय होकर क्षेत्र में धार्मिक-सामाजिक व अन्य आयोजनों के माध्यम से सक्रिय है। जावरा से लेकर संसदीय क्षेत्र की राजनीति में पिछले कई सालों से सक्रिय परिवार की तीसरी पीढ़ी के रुप में प्रांजल दस्तक देने के लिए हर कार्यक्रम में उपस्थिति दे रहे है।
भारत जोड़ा यात्रा से बढ़ी सरगर्मिया
पूर्व मंत्री सुभाष सोजतिया की बेटी टोनु सोजतिया कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के प्रदेश में गुजरने के दौरान यात्रा से जुड़ी तो कांग्रेस नेता राहुल व प्रियंका गांधी के साथ कदमताल करती नजर आई। टोनु की इस मुलाकात ने कई चर्चाओं को बढ़ाया। वर्ष २०१८ के चुनाव में भी पिता के चुनाव प्रबंधन का काम टोनू ने संभाला था। ऐसे में माना जा रहा है कि टोनु राजनीति में सक्रिय होकर पिता की राजनीति को आगे बढ़ाएगी। पार्टी के कार्यक्रमों में सक्रिय होने के साथ हाईकमान में मेलजोल टोनु की बढ़ी तो चर्चाओं के कयास लगना भी शुरु हुए।
पूर्व गृहमंत्री के बेटे को भी है मौके का इंतजार
पूर्व गृहमंत्री भारतसिंह के बेटे नीतिराजसिंह हालांकि क्षेत्र में कांग्रेस की राजनीति में पिता के नक्क्षे कदम पर चलकर सक्रिय तो हुए है लेकिन उन्हें मौके का लंबे समय से इंतजार है। जब सिंधिया भाजपा में गए तो कालूखेड़ा सहित उनके समर्थक भी भाजपा में चले गए। ऐसे में पूर्व गृहमंत्री अब अपने बेटे को राजनीति में मौका दिलवाने के लिए पुरजोर तरीके से जुट गए है। सार्वजनिक व धार्मिक से लेकर राजनीति कार्यक्रमों के साथ मेलजोल से नीतिराजसिंह ने पिछले सालों में क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाई है।
यादव को भी है इंतजार
गरोठ के पूर्व विधायक राजेश यादव के बेटे विनीत यादव पूर्व में युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष थे लेकिन पिता की निधन के बाद से उन्हें मौके का इंतजार है। जिला पंचायत चुनाव में पत्नी मनुप्रिया यादव को पार्टी ने मौका देकर जिला पंचायत उपाध्यक्ष बनाया। इसके साथ यादव फिर से क्षेत्र में सक्रिय हुए है और अबकी बार विधानसभा चुनाव में खुद दावेदारी कर पिता की राजनीति को आगे बढ़ाने में लगे है। ऐसे में वह पिता के समर्थक रहे कार्यकर्ताओं से लेकर सामाजिक वर्चस्व वाले लोगों को साधने में लगे है।
शहर से लेकर क्षेत्र में हर जगह सक्रिय
फोटो एमएन २६१८ डॉ भानुप्रतापसिंह सिसौदिया
मंदसौर विधायक यशपालसिंह सिसौदिया के बेटे डॉ भानुप्रतापसिंह सिसौदिया भी अपने दादा-पिता व परिवार की राजनीति को आगे बढ़ाने में लगे है। ऐसे में खेल संगठनों के साथ ही धार्मिक व सामाजिक संगठनों से जुडऩे के साथ युवा मोर्चा से लेकर पार्टी के जुड़े हर कार्यक्रम में शहर से लेकर पूरी विधानसभा में हर गतिविधि में प्रत्यक्ष रुप से जुडक़र सक्रियता बढ़ाई है तो कई जगहों पर पिता के साथ उपस्थित भी हो रहे है। चुनाव प्रचार हो या पार्टी का काम खुद कमान संभालते हुए भी दिख रहे है।
जिला पंचायत अध्यक्ष से फिर सक्रिय पाटीदार
पूर्व विधायक राधेश्याम पाटीदार की पुत्रवधु दुर्गा विजय पाटीदार को पार्टी ने जिला पंचायत में मौका देकर जिला पंचायत अध्यक्ष बनाया तो पाटीदार फिर से सुवासरा विधानसभा में सक्रिय हुए और अब पाटीदार के साथ पुत्रवधु पाटीदार भी हर कार्यक्रम में पहुंच रही है। सरकारी आयोजन हो या राजनीति या धार्मिक खुद पहुंचकर सक्रिय होकर लोगों से जुड़ रहे है। ऐसे में पाटीदार अगली विधानसभा में फिर से दावेदारी कर राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने में सक्रिय हो गए है।
पूर्व मंत्री के भतीजे ने मनासा में बढ़ाई सक्रियता
पूर्व मंत्री नरेंद्र नाहटा के भतीजे सोमिल नाहटा ने मनासा विधानसभा में इन दिनों सक्रियता बढ़ाई है तो मंदसौर विधानसभा में भी सक्रिय है। पूर्व में मंदसौर नपाध्यक्ष का चुनाव भी सोमलि लड़ चुके है तो युवा कांग्रेस की राजनीति भी कर रहे है। सोमिल विधानसभा में मौके की तलाश में है। पार्टी हाईकमान के बड़े नेताओं से लेकर क्षेत्र के अन्य लोगों से लेकर पार्टी के कार्यक्रमों में जुडक़र मेल-जोल बढ़ा रहे है और इस बार चुनाव में मौके की तलाश में है।
पूर्व मंत्री चावला के बेटे को भी इंतजार
भाजपा जिला कोषाध्यक्ष राजू चावला लंबे समय से मौके के इंतजार में है। पूर्व मंत्री कैलाश चावला का वर्ष २०१८ में विधानसभा चुनाव में टिकिट कटा था लेकिन फिर भी पार्टी में वह सक्रिय है। इस बार माना जा रहा है कि बड़े बेटे राजू चावला को वह मनासा से टिकिट के लिए दावेदारी करेंगे। ऐसे में चावला ने मनासा क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाई है। नपा चुनाव में चावला की पुत्रवधु को नपाध्यक्ष का दावेदार माना जा रहा था लेकिन उन्हें उपाध्यक्ष बनाया गया। ऐसे में चावला इस बार बेटे राजू को मनासा से मौका दिलाने में लगे है।
Published on:
26 Dec 2022 10:17 am
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