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418 करोड़ से ‘आधुनिक’ बनेगा MP का 65 साल पुराना डैम, बिजली संचालन होगा बेहतर

MP News: गांधीसागर जल विद्युत गृह की इकाइयों के नवीनीकरण, आधुनिकीकरण एवं क्षमता वृद्धि का काम सरकार कृषि वर्ष के अंतर्गत कर रही है।

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Gandhisagar Dam Hydroelectric Power Station to be modernized in 418 Crores mandsaur mp news

Gandhisagar Dam Hydroelectric Power Station to be modernized (फोटो- Patrika.com)

MP News: मंदसौर जिले में चंबल नदी पर स्थित गांधीसागर डैम में जलविद्युत गृह 418 करोड़ में आधुनिक रूप में तैयार होगा। इसमें क्षमता वृद्धि के साथ इसका नवीनीकरण भी होगा। इससे बिजली उत्पादन की क्षमता में वृद्धि होगी। गांधीसागर जल विद्युत गृह की इकाइयों के नवीनीकरण, आधुनिकीकरण एवं क्षमता वृद्धि का काम सरकार कृषि वर्ष के अंतर्गत कर रही है। गांधीसागर जल विद्युत गृह की 5-23 मेगावाट क्षमता वाली इकाइयां पिछले 65 वर्षों से अधिक समय से चल रही है।

वर्तमान तकनीकी मानकों के अनुरूप विद्युत उत्पादन प्रणाली को अधिक सक्षम और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से इन इकाइयों का नवीनीकरण एवं उन्नयन किया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत सभी जनरेटिंग इकाइयों में आधुनिक टरबाइन एवं जनरेटर का किया जाएगा। साथ ही उन्नत सुरक्षा, निगरानी एवं पर्यवेक्षण नियंत्रण प्रणाली के साथ आधुनिक कंट्रोल पैनलों की स्थापना की जाएगी।

संचालन होगा बेहतर

बेहतर संचालन नियंत्रण एवं दूरस्थ निगरानी के लिए आधुनिक ऑटोमेशन सुविधाएं जोड़ी जाएंगी। इसके साथ ही परिचालन सुरक्षा तथा प्रभावी जल प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए आइसोलेशन गेट्स का उन्नयन किया जाएगा। बाढ़ से सुरक्षा और आपातकालीन स्थिति से निपटने की तैयारी को मजबूत करने के लिए उच्च क्षमता के डी वॉटरिंग पंपों की स्थापना की जाएगी। लंबे समय तक चलने के उद्देश्य से परियोजना में समस्त पाइपलाइन, पावर एवं कंट्रोल केबल, सिग्नल वायरिंग तथा अन्य सहायक प्रणालियों का प्रतिस्थापन भी किया जाएगा।

कार्यक्षमता में सुधार

परियोजना चरणबद्ध तरीके से गांधीसागर पर पूरी की जाएगी। इसमे 2,2,1 इकाइयों को अलग-अलग चरणों में लिया जाएगा। प्रत्येक चरण में चयनित इकाइयों पर कार्य किया जाएगा जबकि शेष इकाइयां वर्तमान व्यवस्था के माध्यम से विद्युत उत्पादन जारी रखेंगी। विद्युत गृह की कार्य क्षमता, सुरक्षा में वृद्धि होगी।

इनका कहना..

गांधीसागर जल विद्युत गृह की 5-23 मेगावाट क्षमता वाली इकाइयां पिछले 65 वर्षों से अधिक समय से चल रही है। वर्तमान तकनीकी मानकों के अनुरूप विद्युत उत्पादन प्रणाली को अधिक सक्षम और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से इन इकाइयों का नवीनीकरण एवं उन्नयन किया जाएगा। इससे क्षमता में वृद्धि के साथ आधुनिक रूप से निगरानी से लेकर पूरा काम होगा।- अरुण यादव, इंजीनियर, गांधीसागर पावर जनरेशन