
शासकीय चिकित्सालयों में नहीं खून, निजी में चल रहा खून का अवैध धंधा
मंदसौर/गरोठ.
शिवसेना द्वारा गरोठ सहित क्षेत्र के अस्पतालो में ब्लडबैंक सहित अन्य सुविधाओं को लेकर विगत चार दिनों से पुराने बसस्टैंड पर दिण् जा रहा धरने का शनिवार शाम राजस्व तथा स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा भानपुरा अस्पताल की ब्लड बैंक को शीघ्र प्रारंभ करने की आदेश की जानकारी देने के बाद समापन हो गया। बाद में टीम को दिए ज्ञापन में शिवसेना ने आरोप लगाया कि जिला मुख्यालय व अन्य राज्यों के अस्पतालों से लंबी दूरी के कारण गरोठ, भानपुरा व शामगढ़ से रेफर किए जाने वाले मरीज व विशेषकर प्रसूता महिला व नवजात शिशु खून के अभाव में रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं, शासकीय चिकित्सालयो में ब्लड बैंक नहीं होने का खामियाजा लगातार मरीज भुगत रहे हैं। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि गरोठ, भानपुरा व शामगढ़ के कुछ निजी चिकित्सालयों में मनमाने दाम लेकर अवैध रूप से मरीजों को खून चढ़ाने का धंधा जोरों पर चल रहा है जिसकी और भी किसी का ध्यान नहीं है इस संबंघ में संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएं। उल्लेखनीय है कि शिवसेना द्वारा बुधवार से शासकीय चिकित्सालय में ब्लड बैंक व अन्य सुविधाओं की मांगो को लेकर विजय स्तंभ पर अनिश्चितकालीन धरना किया जा रहा था शनिवार को धरना स्थल पर शिवसेना नेता सुनील शर्मा भी पहुंचे। देर शाम राजस्व विभाग के पटवारी मुकेश शर्मा व बालाराम जांगडे तथा स्वास्थ्य विभाग के सतीश शर्मा व अन्य को अस्पताल में ब्लड बैंक सहित अन्य सुविधाएं बढ़ाने की मांग को लेकर राज्यपाल व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया। शिवसेना ने बताया कि शीघ्र ही ब्लड बैंक व अन्य मांगों के पूरी होने का आश्वासन मिलने पर धरना फिलहाल समाप्त कर दिया गया है यदि शीघ्र ही अस्पतालों में ब्लड बैंड व अन्य सुविधाएं उपलब्ध ना हुई तो पुन: शिवसैनिक आंदोलनात्मक कदम उठाएंगे।
ज्ञापन में यह भी की गई मांगे
जिले से 150 किलोमीटर दूर गांधीसागर, भैसोदामंडी, भानपुरा है और गरोठ, शामगढ़ सुवासरा मैं भी ब्लड बैंक नहीं इतना बड़ा क्षेत्र होने के बावजूद भी हमें जिला ब्लड बैंक पर निर्भर रहना पड़ता है आपातकाल डिलीवरी में भी जच्चा बच्चा को और दुर्घटनाओं में चिकित्सा चिकित्सकों द्वारा सुविधा की कमी से रेफर में मंदसौर जाना पड़ता है या मरीजों को अन्य राज्य में शरण लेनी पड़ती है। क्षेत्र में अवैध रूप से प्राइवेट चिकित्सालय में ब्लड चढ़ाया जा रहा है इन साइलेंट किलर का खेल तत्काल बंद हो। चिकित्सकों को की संपूर्ण व्यवस्था मेडिसिन सर्जन गायनिक की सुविधा जिससे अन्य जगह रेफर करने की जगह उपचार हो और दिन रात 24 घंटे सर्जन डॉक्टर उपलब्ध रहे जिससे आपातकाल में नदारद न रहे और मरीजों को घंटों इंतजार ना करना पड़े जिससे रेफर से मुक्ति मिले। एंबुलेंस में समस्त सुविधा जैसे पर्याप्त दवाइयां ऑक्सीजन सिलेंडर नियमित जांच कर उपलब्ध रहे, जिससे मरीजों को रास्ते में हो रही असुविधाओं से मुक्ति मिले और असुविधा का सामना ना करना पड़े। हफ्ते में 3 दिन सोनोग्राफी मशीन चालू की अपेक्षा निरंतर प्रतिदिन सोनोग्राफी मशीन चालू रहे जिससे मरीजों को 4 दिन इंतजार नहीं करना पड़े और पूरे हफ्ते उपचार मिले। ज्ञापन देेने वालो में लालसिंह सिसोदिया, मदनलाल, श्यामसिंह, तूफानसिंह, रामसिंह, वजेसिंह, मुकेश राठौर उपस्थित थे।
Published on:
22 Jul 2018 03:21 pm
