
मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव 2023 से ठीक पहले जीतू पटवारी की ओर से किसानों को लेकर मोर्चा खोल दिया गया है। इसके तहत व किसानों की फसल पर समर्थन मूल्य बढाने की बात कह रहे हैं। इस दौरान वे किसानों यह तक कह रहे हैं कि चुनाव में भाजपा हो या कांग्रेस, जो भी उम्मीदवार किसानों को मिलने वाले समर्थन मूल्य को बढ़ाने की बात ना करे, उसे बैरंग लौटा दिया जाए।
वहीं ज्ञात हो तो इन दिनों जहां एक तरफ समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी हो रही है, दूसरी ओर किसानों के बीच समर्थन मूल्य बढ़ाने को लेकर पूर्व मंत्री जीतू पटवारी मोर्चा बुलंद कर रहे हैं। दरअसल सोमवार को उज्जैन, रतलाम जिले के किसानों से मुलाकात करते हुए पूर्व मंत्री जीतू पटवारी और विधायक कुणाल चौधरी मंदसौर पहुंचे, यहां विभिन्न विधानसभा क्षेत्र में किसानों से बातचीत कर उन्हें समझाने की कोशिश करते हुए पटवारी ने कहा कि गेहूं का समर्थन मूल्य 3000 रुपये से कम होना, किसान के लिए घाटे का सौदा है। आपको बता दें कि वर्तमान में मध्य प्रदेश में गेहूं के समर्थन मूल्य को लेकर लगातार सूबे की सियासत गर्मा रही है।
पैरवी न करे, उसे बैरंग लौटाएं
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो में पूर्व मंत्री जीतू पटवारी भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस को लेकर भी अनेक टिप्पणी करते दिख रहे हैं। यहां जीतू पटवारी किसानों के बीच यह बोलते दिख रहे हैं कि चुनाव के दौरान जो भी उम्मीदवार उनके पास आए और यदि वह 3000 रुपये समर्थक मूल्य की पैरवी न करे, उसे बैरंग लौटा दिया जाए। भले ही वह कांग्रेस का ही उम्मीदवार क्यों ना हो।
कांग्रेस की सरकार-किसानों ने हीं बनवाई थी
कई जानकारों की मानें तो विधानसभा चुनाव 2018 में ग्रामीण इलाकों से ही कांग्रेस को ऐतिहासिक वोट मिले थे, जिसके बाद ही राज्य में कमलनाथ की सरकार बन सकी थी। ऐसे में एक बार भी विधानसभा चुनाव के पहले कांग्रेस नेता ग्रामीण क्षेत्रों की नब्ज टटोलने रहे हैं। विधायक जीतू पटवारी और कुणाल चौधरी ने उज्जैन जिले के उन्हेल, रतलाम जिले के जावरा और मंदसौर जिले में किसानों को संबोधित करते हुए छोटी-छोटी चौपाल के माध्यम से किसानों से कहा कि नेताओं के सामने गेहूं के 3000 रुपये समर्थन मूल्य की मांग उठाई जाए।
Published on:
24 Apr 2023 08:33 pm
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