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पिपलिया के अध्यक्ष प्रतिनिधि से उलझन के बाद रिश्वत मामले की शिकायत में नपे मल्हारगढ़ तहसीलदार व पटवारी

पिपलिया के अध्यक्ष प्रतिनिधि से उलझन के बाद रिश्वत मामले की शिकायत में नपे मल्हारगढ़ तहसीलदार व पटवारी

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निलम्बित

वर्दी की धौंस जमाकर चांदी काटना कुचामन सिटी थाने के एक हैड कांस्टेबल व दो कांस्टेबलों पर भारी पड़ गया।


मंदसौर.
नामांतरण के मामले में लोकायुक्त की टीम ने रिश्वत लेते नगर पालिका के कर्मचारियों को पकड़ा और अब राजस्व विभाग में भी नामांतरण के मामले में रिश्वत की शिकायत पर सीधे तहसीलदार व पटवारी के लिप्त पाए जाने पर दोनों के निलंबन की कार्रवाई हुई है। जिले के मल्हारगढ़ तहसीलदार प्रेमशंकर पटेल व पटवारी दिग्विजयसिंह की जमीन नामांतरण के मामले में ऑडियो के साथ शिकायत हुई थी। उसकी जांच हुई और इसमें दोनों के संलिप्त पाए जाने पर आयुक्त ने तहसीलदार के निलंबन की कार्रवाई की। जिसे राजस्व विभाग में बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। तहसीलदार पटेल लंबे समय से जिले में ही पदस्थ है और शिकायतों के चलते हमेशा सुर्खियों में बने रहते है। पिपलियामंडी नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि से दो दिन पहले दुष्कर्म के आरोपियों के मकान को तोडऩे की कार्रवाई को लेकर बहस हुई थी। इसमें तहसीलदार पटेल ने अध्यक्ष प्रतिनिधि से बहस की थी। उनके निलंबन को उससे जोडक़र भी देखा जा रहा है।


रिश्वत के तथ्य जांच में सामने आए तो नपे तहसीलदार व पटवारी
मल्हारगढ़ तहसीलदार प्रेमशंकर पटेल व पटवारी दिग्गिविजयसिंह की शिकायत हुई थी। इसमें कलेक्टर ने अशासकीय पत्र आयुक्त को भेजा। इसके बाद जांच की तो इसमें रिश्वत के मामले के तथ्य सामने आए। इसी आधार पर उनके निलंबन की कार्रवाई हुई है। निलंबन आदेश में आयुक्त ने लिखा कि ३ नवंबर को व्हाटसअप पर मुझे दूरभाष 9575255463 से एक ऑडियो रिकार्डिग तथा एक वीडियो रिकार्डिंग सीयूजी न 7587969400 पर भेजा। यही ऑडियो तथा वीडियो 9803843684 से भी आया। नगर परिषद पिलियामंडी का अध्यक्ष प्रतिनिधि ने यह भेजा। इसमें तहसीलदार पटेल किसी नाराजगी के साथ बात कर रहे है इसमें नामांतरण प्रकरण में रिश्वत लेनदेन का तथ्य भी सामने आया। इसके बाद चर्चा की तो स्वयं का नाम मुकेश सोनी तथा ऑडियो पटवारी दिग्विजयसिंह तथा एक दलाल के मध्य होना बताया। इसमें नामांतरण प्रकरण में लेनदेन की चर्चा तथा रिश्वत की राशि न दिए जाने पर नामांतरण प्रकरण मल्हारगढ़ तहसीलदार प्रेमशंकर पटेल द्वारा निरस्त किया जाना बताया। इसके बाद कलेक्टर ने अगले दिन सुबह मल्हारगढ़ पहुंचकर मामले की जांच के लिए आदेश दिए। इसके बाद जांच प्रतिवेदन में रिश्वत की लेनदेन के संबंध में चर्चा, शिकायतकर्ता द्वारा नामांतरण प्रकरण में तहसीलदार द्वारा अंकित तारीखों तथा स्थानीय पटवारी की संलग्नता प्रमाणित हुई। तहसीलदार की इस कार्यप्रणाली से राजस्व विभाग की छवि धूमिल हुई। ओर इसे सिविल सेवा आचरण के विरुद्ध माना गया। इसी आधार पर तहसीलदार प्रेमशंकर पटेल को निलंबित किया गया। ओर इस अवधि में रतलाम कलेक्ट्रेट में अटेच किया गया है।


जांच में पटवारी भी रिश्वत मामले में शामिल पाए तो हुआ निलंबन
पिपल्यापंथ की भूमि सर्वे कमांक 1/1 रकबा 1.500 हेक्टेयर के नामांतरण के मामले में पटवारी दिग्विजयसिंह पटवारी द्वारा राशि की मांग करने संबंधी ऑडियो वायरल हुआ है।
इसकी जांच में पटवारी दिग्विजयसिंह पटवारी का लिप्त होना पाया गया है। उनके उक्त कृत्य से शासन की छवि धुमिल हुई है। अऐसे में पटवारी को भी निलंबित किया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय नायब तहसीलदार टप्पा संजीत किया गया है।