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झील महोत्सव नहीं उड़े हॉट बैलून, सुस्ताते रहे ऊंट

दस दिन में से ४ दिन गुजरे, नहीं पहुंच रहे पर्यटक, प्रचार-प्रसार भी नहीं

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मंदसौर । गांधी सागर पर हनुमंत्या की तर्ज पर झील महोत्सव को ऐतिहासिक बनाने के लिए जो दावे किए जा रहे थे ठीक इसके विपरीत गांधीसागर का झील महोत्सव पर्यटकों के बिना फीका पड़ा हुआ है। चौथे दिन भी हालात जस के तस ही बने हुए दिखाई दिए। प्रचार प्रसार के अभाव में करोड़ों रुपयों यह आयोजन रंग में नहीं आ पा रहा है। 17 फरवरी को 10 दिनों तक चलने वाले झील महोत्सव का औपचारिक उद्घाटन हुआ था उस समय भी कलेक्टर के सामने पर्यटक नहीं दिखने के कारण इवेंट कंपनी के मैनेजर को फटकार लगाकर प्रचार प्रसार करने के लिए कहा था। कलेक्टर ने कहा था कि जगह- जगह होर्डिंग्स लगाओ, सोशल मीडिया आदि से प्रचार-प्रसार करो लेकिन इसके बावजूद भी दूरदराज के इलाकों में होर्डिंग्स लगाना तो दूर की बात है गांधीसागर नंबर- 3 व 8 के मुख्य चौराहे पर भी कहीं भी आज तक होल्डिंग्स नहीं लगे। प्रचार-प्रसार नहीं होने के कारण पर्यटक झील महोत्सव से नदारद है। पैराग्लाडिंग, हॉट बैलून सहित अन्य रोमांचक गतिविधियां भी नहीं हो रही है। मुख्यमंत्री के इंतजार में कू्रज भी नहीं चल पा रहा है। वहीं सफारी के लिए आए ऊंटभी दिनभर पर्यटको के इंतजार में सुस्ता रहे है।
खाली पड़े है कॉटेज
झील महोत्सव के दौरान आने वाले पर्यटकों के लिए मोड़ी माता परिसर में कंपनी ने 25 कॉटेज बनाए थे जो बुकिंग ऑनलाइन होना था। इसका रेट 4500 हजार से लेकर 7000 होने के कारण चार दिन बाद भी सिर्फ अभी तक 12 कॉटेज बुक हुए हैं, बाकी बुकिंग का इंतजार कर रहे हैं। रात को जो सांस्कृतिक कार्यक्रम हो रहे हैं उसमें सिर्फ स्थानीय निवासी नजर आते हैं जिसके कारण जो व्यंजनों के स्टॉल लगे हैं वह खाली पड़े रहते हैं। पैराग्लाइडिंग और कैमल (ऊंट) सफारी के दाम अधिक होने के कारण स्थानीय लोग भी इसमें सैर करने से हिचक रहे हैं। घंटो-घंटो तक कैमल पर सवारी करने के लिए कैमल इंचार्ज को इंतजार करना पड़ रहा है। कैमल सफारी संचालक योगेश का कहना है कि पर्यटक नहीं आने से महोत्सव में आना भी महंगा पड़ गया है।
स्टॉल संचालको का कहना...
गांधीसागर झील महोत्सव पर गांधीसागर नंबर-8 पर बने इवेंट कंपनी के फूड जोन फारुख भाई ने कहा कि उन्होंने फास्ट फूड का स्टॉल लगाया है। पर्यटक नहीं आने से व्यवसाय प्रभावित हुआ है। साथ ही आर्ट स्टॉल के संचालक सरवन पासवान, पवन कुमार सागर का कहना है कि पर्यटक की बहुत ही कमी है।