
मंदसौर.
जिले की मुख्य फसलों में से एक लहसुन व प्याज के दाम इन दिनों मंडी में सुर्खियों में है। प्याज के दामों में जहां तेजी से गिरावट आ रही है तो वही लहसुन के दामों में तेजी। प्याज के दामों ने किसानों को जहां रुलाया तो लहसुन के दामो ने ढांढस बंधाया है। अंतराष्ट्रीय बाजार व मांग के अनुसार दामों में तेजी-मंदी हो रही है। इससे जिले का किसान सीधे रुप से प्रभावित हो रहा है। इन दिनों मंडी में प्याज से लेकर लहसुन की आवक बंपर हो रही है। अन्नदाता लहसुन को सफेद तो प्याज को लाल सोना मानते है और इसकी खेती भी अधिक होती है। ऐसे में मांग भी अंतराष्ट्रीय स्तर पर है लेकिन दामों में उतार-चढ़ाव के कारण किसान प्रभावित है। एक माह में प्याज के दामों में 50 फीसदी गिरावट दर्ज की गई है।
एक माह पहले प्याज के दाम किसानों को खुश कर रहे थे, लेकिन अब दामों में तेजी से रही गिरावट से किसान निराश हो गया है। दिसंबर माह के पहले सप्ताह में मंदसौर मंडी में किसानों को प्याज के दाम 3500-3600 रुपए प्रति क्विंटल तक भाव मिल रहे थे। लेकिन अब प्याज के दाम किसानों को 1500 रुपए तक मिल रहे है। इससे किसानों को प्याज की उपज की लागत मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है। इससे किसान आक्रोशित है। वहीं लहसुन के दाम 11 हजार 800 से लेकर अधिकतम 25 हजार 200 रुपए प्रति क्विंटल तक दाम मिल रहे है। इसके कारण जहां प्याज के किसान नाराज है तो लहसुन वाले किसान खुश है। किसानों का कहना है की इतने कम दामों से लागत भी नहीं निकल रही है। वहीं व्यापारियों का कहना है की दाम आगे से ही तय होते हैए आगे मांग कमजोर होने से भी दामों में गिरावट हो रही है।
दो माह से कृषि उपज मंडी में प्याज की बंपर आवक हो रही है। अन्य जिलों से भी मंदसौर मंडी में प्याज की आवक हो रही है लेकिन प्याज के दामों में लगातार हो रही कमी के कारण किसानों की परेशानी फिर बढ़ गई है। एक माह में प्याज के दामों में 2000 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट हुई है। कृषि उपज मंडी में प्याज और लहसुन की ही सबसे अधिक आवक हो रही है। लेकिन प्याज के दामों में लगातार गिरावट होने से किसान नाखुश हैं। दिसंबर माह के पहले सप्ताह में किसानों का प्याज 3500 रुपए प्रति क्विंटल तक बिक रहा था। एक माह में दाम आधे से भी कम रह गए है। शुक्रवार को मंडी में प्याज 315 से 1535 रुपए प्रति क्विटंल तक ही मिले। मंडी व्यापारियों के अनुसार आगे से मांग कम है इसके कारण भी दामों में कमी हुई है। मंदसौर से प्याज गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान व अन्य राज्यों में जाता है। व्यापारियों के अनुसार इन राज्यों में अब मांग कम हो गई है। जिसके चलते दामों में गिरावट हो रही है। वहीं किसानों का कहना है कि मंडी में प्याज के जो दाम मिल रहे है उससे लागत भी नहीं निकल पा रही है। किसानों का कहना है कि एक माह में प्याज के दाम दो हजार से भी अधिक कम हो गई है। अब प्याज के दाम 1500 रुपए प्रति क्विंटल भी नहीं मिल रहे है।
नवंबर में पांच हजार तक थे दाम अब रह गए डेढ़ हजार
मंदसौर के प्याज की राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र में मांग तेज होनेे पर नवंबर माह में प्याज के दाम मंडी 50 रुपए किलो यानि पांच हजार रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गए है। मंडी में प्याज के दाम पांच हजार होते ही रिटेल में प्याज के दाम 60 से 70 रुपए तक पहुंच गए थे। इसके बाद दामों में कमी हुई और दिसंबर माह में प्याज के दाम 3500 रुपए तक पहुंच गए। दिसंबर माह खत्म होने तक अब प्याज के अधिकतम भाव 1350 रुपए प्रति क्विंटल रह गए है। जबकि प्याज की आवक चार हजार कट्टे व इससे अधिक ही हो रही है।
Published on:
06 Jan 2024 10:34 am
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