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नए साल में चार चरण में होगा शहर की स्वच्छता का मूल्याकंन, सर्विस लेवल के पैरामीटर भी हुए तय

नए साल में चार चरण में होगा शहर की स्वच्छता का मूल्याकंन, सर्विस लेवल के पैरामीटर भी हुए तय

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मंदसौर.
स्वच्छता की परीक्षा को लेकर नगर पालिका इस बार अब तक असंमजस में है। वर्ष 2023 की स्वच्छता की परीक्षा का परिणाम अब तक नहीं आया। ऐसे में अब वर्ष 2024 में स्वच्छता की परीक्षा की तैयारी किस आधार पर और कैसे करें। नियमित रुप से ही सफाई हो रही है और आलम तो यह है कि शहर में समय पर कचरा तक नहीं उठ रहा है। सफाई व्यवस्था का ग्राफ दिनोंदिन गिरता जा रहा है और शिकायतें भी सफाई को लेकर थोकबंद हो रही है। बावजूद सफाई व्यवस्था अपगे्रड नहीं हो पा रही है।


चार चरण में होगी स्वच्छता की परीक्षा
वर्ष 2023 के स्वच्छता अभियान के नतीजे अब तक भले ही नहीं आए हो, लेकिन सरकार ने वर्ष 2024 के लिए स्वच्छता की परीक्षा लेने के लिए नए मापदंड बना दिए है। नए वर्ष में स्वच्छता की परीक्षा चार चरण में होगी। परीक्षा के लिए सर्विस लेवल पैरामीटर भी तय हुए है। इस समय शहर में कचरे व धूल की सफाई नहीं होने से कारोबारियों को दुकान खोलते ही सबसे पहले मिट्टी को उड़ाना होता है। नगर पालिका का दावा है कि शहर को नए नियम से गंदगी व कचरे से मुक्ति तो मिलेगी ही इसके साथ-साथ नगर पालिका भी शहर को गंदा करने वालों पर सख्ती कर सकेगी। नपा दावा भले ही कर रही है लेकिन अब तक स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 की गाईडलाइन को लेकर जानकारी ही नहीं है और ना ही इसके अनुसार तैयारी शुरु की है।


प्रारंभिक गाईडलाइन के अनुसार सर्वेक्षण में यह है शामिल
केंद्र सरकार ने स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 के लिए प्रारंभिक गाइडलाइन जारी की है। यह 9वां संस्करण है। इस बार थीम आर 3 रखी गई हैं। अर्थात अब नगरीय निकायों को रीड्यूस-रीसाइकिल, रीयूज पर काम करते हुए कचरा निस्तारण के सिद्धांत को अपनाना होगा। इस बार भी परीक्षा चार चरणों में होकर कुल 9500 अंकों की ही होगी। यह वैसे स्वच्छ सर्वेक्षण अप्रेल-2023 से शुरू हो गया और मार्च-2024 तक चलेगा। इसका असेसमेंट जुलाई-2023 से मई-2024 तक के बीच होगा। सर्विस लेवल प्रोग्रेस पैरामीटर्स अब 3 की जगह 6 भागों में बांटते हुए अंक भी 4830 से बढ़ाकर 5705 कर दिए हैं। ऐसे में इस बार परीक्षा और कठिन होगी और प्रत्येक पैरामीटर का पालन करना होगा।


घरों के पीछे के क्षेत्र की भी करनी होगी सफाई
अब तक स्वच्छता का मतलब शहर में मुख्य रोड व गलियां ही होती रही है, लेकिन नए नियम में घरों के पीछे भी सफाई की जाएगी। घरों के पीछे के क्षेत्र में आमतौर पर गंदगी रहती है व कई दिन तक नालियों को साफ नहीं किया जाता है। अब इस क्षेत्र में सफाई करके पेवर ब्लॉक लगाना होंगे। ऐसे में घरों के पीछे की गलियों का भी कायाकल्प इस सर्वेक्षण की गाईड लाइन को देखे तो हो जाएगा। वहीं नगर पालिका की स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारियों को देखे तो नई तैयारी करना तो दूर नपा तो अब तक सिर्फ वर्ष 2023 में हुए सर्वेक्षण के नतीजों का इंतजार कर रही है। इस बार स्वच्छता का यह सर्वेक्षण काफी देर से हुआ इसलिए अब तक नतीजें भी नहीं आए है।