
MP News: मध्य प्रदेश में इन दिनों रिश्वतखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। आए दिन कोई न कोई रिश्वतखोर अफसर या कर्मचारी घूस लेते हुए लोकायुक्त के हत्थे चढ़ जाता है। इसी बीच उज्जैन लोकायुक्त ने पटवारी को 30 हजार रूपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
दरअसल, 16 फरवरी को आवेदक दिनेश चंद्र जोशी निवासी ग्राम धलपत तहसील सुवासरा जिला मंदसौर ने लोकायुक्त उज्जैन स शिकायत की थी कि उसके बड़े भाई स्व भगवती प्रसाद को कोई संतान नहीं थी। उन्होंने उसके लड़के आनंद जोशी को गोद लेकर दत्तक पुत्र बनाया था। भाई भगवती प्रसाद के नाम पर दर्ज कृषि भूमि का नामांतरण उनके दत्तक पुत्र आनन्द के नाम से करवाने के लिए वह हल्का पटवारी हरीश पाटीदार से मिला तो पटवारी ने नामांतरण की एवज में 40 हजार रुपये रिश्वत की मांग की है।
आवेदक की शिकायत का सत्यापन कराकर उज्जैन लोकायुक्त ने 18 फरवरी को आवेदक से 30 हजार की रिश्वत लेते हुए पटवारी हरीश पाटीदार को तहसील कार्यालय सुवासरा में रंगे पकड़ा गया।
आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन)2018 की धारा-7 के अंतर्गत कार्रवाई की जा रही है।
छिंदवाड़ा जिले में अकाउंटेंट ग्रेच्युटी फंड और पेंशन के लिये नगर पालिका डोंगर परासिया के एकाउंटेंट शैलेन्द्र शर्मा से प्रार्थी मिला तो उन्होनें प्रार्थी की ग्रेच्युटी फंड और पेंशन जारी करने के लिये 25000/-रुपये की मांग की थी। जिसमें से 20000/-रुपये प्रार्थी से आरोपी ने ले लिये। शिकायत का सत्यापन किये जाने पर आरोपी द्वारा 25000/-रुपये की रिश्वत की मांग सही पायी गयी। जिसके बाद ईओडब्ल्यू ने मंगलवार को कार्रवाई करते हुए आरोपी शैलेंद्र शर्मा नगर पालिका डोंगर परासिया जिला छिंदवाड़ा में राशि 5000/-रुपये रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों पकड़ा गया।
Published on:
18 Feb 2026 01:49 pm
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