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इस गुडिया ने ऐसा क्या बोला कि हर कोई हो गया भावुक

इस गुडिया ने ऐसा क्या बोला कि हर कोई हो गया भावुक

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इस गुडिया ने ऐसा क्या बोला कि हर कोई हो गया भावुक

मंदसौर.
सात वर्षीय बालिका का अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म के मामले में मंगलवार को पीडि़ता सहित छह लोगों के सबसे अहम बयान हुए। इसके अलावा डीएनए टेस्ट रिपोर्ट सौपी और कथनों का वैरिफिकेशन भी हुआ। सुबह से लेकर शाम तक सुनवाई के दौरान भारी पुलिस बल न्यायालय परिसर में तैनात रहा। सबसे पहले आरोपियों को जेल से लाया गया। उसके बाद पीडि़ता सहित सभी गवाह पहुंचे। सुबह ११ बजे से लेकर शाम साढ़े पांच बजे तक सुनवाई चली। इसके बाद आरोपियों को न्यायालय से कड़ी सुरक्षा में जेल भेजा गया।


अलग कक्ष में हुई सुनवाई
कैमरा प्रोसेडिंग के तहत बंद न्यायालय में पीडि़ता के कथन लिए गए। जिसमें न्यायाधीश, दोनों पक्षकार, गवाह और अधिवक्ता और दोनों आरोपी थे। पीडि़ता की गवाही के समय अच्छा माहौल उपलब्ध करवाया गया। पीडि़ता से पहले माता की गवाही हुई। बाद में पिता, दादी, बड़े पापा और बड़े पापा के लडक़े के गवाही हुई।


सभी प्रश्रों के दिए जवाब
न्यायालय में पीडि़ता करीब १२ बजकर ३७ मिनट पर पहुंची। यहां पर अंदर जाने के कुछ देर बाद ही पीडि़ता के गवाही शुरु हुई। जानकारी के अनुसार पहले नाम और कौनसी कक्षा में पढ़ती हो और अभी कहां पर हो सहित अन्य प्रश्र पूछे गए। इस पर पीडि़ता ने सभी प्रश्रों के जवाब आराम से और अच्छे से दिए। पीडि़ता की गवाही करीब एक घंटा तीन मिनट तक चली। इस दौरान पीडि़ता को बैठने में परेशानी आ रही थी। इंदौर से देखरेख के लिए एमवायएच का स्टाफ भी था।


दोनोंं आरोपियों को पहचाना
डीपीओ बीएस ठाकुर ने बताया कि पीडि़ता ने पहले पूरा घटनाक्रम बताया। इसके बाद उसे एलबम दिखाया गया। जिसमें उसने तत्काल दोनों आरोपियों का फोटो देख पहचान लिया। इसके बाद दोनों को जब सामने लाए तो पीडि़ता ने कहा कि यही अंकल है जिन्होंने घटनाकारित की। इसके बाद पिता की गवाही हुई। तीन बजे बाद पीडि़ता की दादी, बड़े पापा और भाई की गवाही हुई।


आज सात गवाह देगें गवाही
डीपीओ ठाकुर ने बताया कि बुधवार को सात लोगों की गवाही है। जानकारी के अनुसार इसमें पीडि़ता को अस्पताल लाने वाले पुलिसकर्मी, पटवारी, जप्ती गिरफ्तारी करने वाले पुलिसकर्मियों सहित सात लोगों के बयान है। उन्होंने कहा कि पांच दिनों में २५ गवाहों को सुनने के बाद एक या दो दिन रोककर फिर से सुनवाई होगी। इस तरह दो सप्ताह तक यह मामला नियमित रुप से चलेगा।


एएसपी सहित आधा दर्जन से अधिक थानाप्रभारी तैनात
सुनवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात किया गया। इस दौरान एएसपी सुंदर ङ्क्षसह कनेश, सीएसपी राकेश मोहन शुक्ला, थानाप्रभारी विनोद ङ्क्षसह कुशवाह, कन्हैयालाल डांगी, अजय सारवान, विजय यादव, कमलेश सिंगार, पुष्पा चौहान, ओपी तंत्वार सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद थे।