मंदसौर

‘अफीम में मार्फिन की मात्रा में किया जाएं संशोधन ताकि अधिक किसान हो पात्र’

‘अफीम में मार्फिन की मात्रा में किया जाएं संशोधन ताकि अधिक किसान हो पात्र’

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Aug 21, 2018
‘अफीम में मार्फिन की मात्रा में किया जाएं संशोधन ताकि अधिक किसान हो पात्र’

मंदसौर.
वर्ष 2018-19 की अफीम नीति तय करने के लिए सोमवार को दिल्ली में केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री शिवप्रताप शुक्ला एवं मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में सांसद सुधीर गुप्ता ने इस वर्ष जारी किए जाने वाले पट्टों में किसानों को अधिक से अधिक लाभ दिलाने व मार्फिन की मात्रा में संशोधन को लेकर अपना पक्ष रखा। सांसद गुप्ता ने सन् 1998-99 से लेकर 2003-04 तक के कृषकों को 2 किलो तक की छूट देने की मांग रखी व जो पुराने पट्टे इन्फीरीयर (घटिया पट्टे) 1999 से 2016-17 तक के किसानों को जिनकी अफीम में मिलावट या घटिया सिद्ध हुई थी परन्तु औसत पूरा था और जिनकी मार्फिन क्षमता आठ प्रतिशत हो, ऐसे किसानों को सन् 2018-19 में पात्र किया जाए। साथ ही जिन किसानों का औसत पांच वर्ष से मिलाकर 100 प्रतिशत रहा हो और बीच के किसी वर्ष में नही बोया हो उन किसानों को पात्रता दी जाऐं। ऐसे किसान जो समीप गांव में अफीम फसल बोते है उन किसानों को अपने निवास पर अफीम रखने की अनुमति दी जाऐं। सांसद ने बैठक में ऐेसे किसान जो एनडीपीएस एक्ट में दोष मुक्त हो गए हो ऐसे किसानों को लायसेंस प्रक्रिया में शामिल किया जाऐं की मांग रखी। साथ ही उन्होंने बैठक में बताया कि अफीम उत्पादन काफी खर्चीला होता है और कई बार मौसम के कारण ज्यादा लागत लगानी पड़ती है अत: तत्काल प्रवाह से अफीम मूल्य वृद्धि की जाना चाहिए।


मार्फिन की पुन: समीक्षा कराई जाएं
सांसद गुप्ता ने अन्य सुझावों में मांग रखी कि खस-खस की भारत में बड़ी मांग है और यह अन्य देशो से आयात कराया जाता है जिसे नियंत्रित करना चाहिए व डोडाचुरा में कितना मार्फिन है इसका पुन: समीक्षा की जाएं, ताकि जो किसान डोडाचुरा के कारण बंद है उन्है लाभ मिल सके। इसके साथ ही उन्होने सरकार से डोडाचुरा पुन: खरीदी की मांग पूरजोर तरीके से उठाई है। बैठक में सांसद गुप्ता ने इन तमाम मांगो का पत्र केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री को सौंपा और अनुरोध किया कि किसानों को इन मांगो के तहत राहत देकर अफीम नीति बनाई जाएं। बैठक में अफीम उत्पादक जिलों के सांसद के साथ ही नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार, राजस्व विभाग के विशेष सचिव जीसी मूरमु, संयुक्त सचिव रित्विक पांडे, नारकोटिक्स निर्देशक दिनेश बोध, नारकोटिक्स कमिश्नर ग्वालियर राजेश पुरी और नारकोटिक्स डायरेक्टर मयंकसिंह उपस्थित थे।

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Published on:
21 Aug 2018 12:36 pm
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