
आत्मशक्ति व आत्मबल होने पर ही समाप्त होगी आंतरिक दुर्बलताएं
मंदसौर.
प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय सेवाकेन्द्र मंदसौर के आत्म कल्याण भवन में चल रहे चैतन्य दैवियों की झांकी के अंतिम दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें ब्रम्हाकुमारी समिता दीदी ने नवरात्रि के आध्यात्मिक रहस्य को स्पष्ट करते हुए बताया कि नवरात्रि के इन नो दिनों में हम दैवी की आराधना करते है, मां दुर्गा से शक्ति का वरदान मांगते है, मां लक्ष्मी से धन मांगते है, तथा मां सरस्वती जो विद्या की देवी है उससे बुद्धि का वरदान मांगते है यह शक्ति भी आन्तरिक होना चाहिए। क्योकि जो विकार अन्तर्रात्मा में निहित है वो हमारी आन्तरिक दुर्बलताओं से ही उत्पन्न होती है। उन आन्तरिक दुर्बलताओं को समाप्त करने के लिए आत्मशक्ति की आवश्यकता है, आत्मबल की आवश्यकता है। वास्तव में ये देवियां शिव की ही सन्तान है, जो शिव शक्तियां कहलाती है। कार्यक्रम में ब्रम्हाकुमारी समिता बहन ने बताया कि राजयेाग द्वारा अपने जीवन को बदलने का समय अभी है। अभी नहीं तो कभी नहीं। इस अवसर पर सुरेन्द्र जैन, ब्रजेश जोशी, राजेन्द्र गेहलोत, प्रदीप भाटी, दिनेश रांका, दीपा रांका, मनीषा सोनी, ओमप्रकाश शर्मा, राजेश यादव, नरेन्द्र सिपानी, शोभिता पोरवाल, रीतु पोरवाल, ओमप्रकाश मिश्रा उपस्थित थे।
महाआरती का हुआ आयोजन
दलोदा में अंबिका गरबा मंडल के तत्वावधान में ग्राम रिछालाल मुंहा में गरबा उत्सव के नौवे दिन मातारानी की महाआरती का आयोजन हुआ। इसमें गांव की 151 महिलाओं एवं बालिकाओं ने एक साथ महाआरती में भाग लेकर मां की आराधना की। इस दौरान कन्या पूजन भी किया गया। इसमें नौ कन्याओं का पूजन हुआ। विगत 33वर्षों से यहां गरबा उत्सव का आयोजन और बीते छह वर्षों से महाआरती का आयोजन हो रहा है। महाआरती में गरबा उत्सव समिति के साथ ही श्रीराम युवा संगठन का भी सहयोग रहा। कार्यक्रम में अम्बिका गरबा मंडल अध्यक्ष बालकिशन पाटीदार, अरविंद पाटीदार, बालाराम पाटीदार, रामनारायण पाटीदार, चेतराम पाटीदार, हरिवल्लभ पाटीदार, चंद्रशेखर, विनोद, दिनेश, महेश, सुखदेव पाटीदार सहित सभी ग्रामीण उपस्थित थे।
Published on:
20 Oct 2018 03:39 pm
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