मंदसौर.
अपनी ही सरकार में उत्कृष्ठ सडक़ के निर्माण की शिकायत जिला योजना समिति सदस्य व भाजपा पार्षद भारती पाटीदार ने प्रभारी मंत्री के सामने की। इसके बाद भी अब तक जांच ही नहीं हुई। ओर सरकारी विभागों में बैठे अधिकारियों ने सत्तापक्ष के पार्षद की शिकायत पर होने वाली जांच को ही मजाक बना दिया है। कलेक्टर ने तीन विभागों की कमेटी बनाई। कमेटी ने एक से लंबा समय बीतने के बाद भी जांच शुरु नहीं की ओर शुरु भी की तो एक ही विभाग पहुंचा। मंगलवार को उत्कृष्ट सडक़ की जांच करने के लिए लोक निर्माण विभाग व सेतु विभाग के अधिकारी अपनी चलित प्रयोगशाला लेकर पहुंचे लेकिन प्रधानमंत्री सडक़ व आरईएस विभाग से कोई अधिकारी नहीं पहुंचे। जब जांच कमेटी ही पूरी नहीं पहुंची तो फिर जांच कैसी। इसलिए इसे फिर अगली तारीख तक टाल दिया गया। अधिकारियों के रवैए को देख अब तक इस मामले में ऐसा लगा मानों वह जांच को ही टाल रहे हो।
जांच कमेटी ही नहीं पहुंची इसलिए नहीं हुई जांच
प्रभारी मंत्री ने पाटीदार की शिकायत के बाद जांच के निर्देश दिए थे। सडक़ को आधा नगर पालिका व आधा लोक निर्माण विभाग ने बनाया है। इसमें कई जगहों पर अनियितताएं सामने आ रही है। कलेक्टर ने कमेटी गठित जरुर कर दी है लेकिन कमेटी जांच में ही रुचि नहीं दिखा रही है। मंगलवार को लोक निर्माण विभाग के आरके सोनगरा,सेतु विभाग के प्रवीण नरवरे चलित प्रयोगशाला के साथ अपना अमला लेकर पहुंचे लेकिन अन्य दो विभाग के अधिकारी नहंी आए। ऐसे में जांच नहीं हो सकी। अब तीनों विभागों का दल आएगा तभी जांच होगी। ऐसे में मामला अगली तारीख तक के लिए टल गया।
पार्षद ने सडक़ निर्माण में तकनीकि खामियों को लेकर सवाल उठाए, मांगे जवाब
सेतु व लोक निर्माण विभाग के अधिकाािरयों को जिला योजना समिति सदस्य भारती पाटीदार के पति धीरज पाटीदार ने रोड में तकनीकि खामियोंं को लेकर सवाल खड़े करते हुए जवाब मांगे है। जो पत्र उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारी को दिया उसमें उन्होंने बताया कि जो प्राक्कलन तैयार किया गया था। उसमें कोन-कोन से कार्य लिए गए है और इनमें से कोन से पूरे हुए है और कोन से पूरा होना बाकी है। जो रोड बनाई है उसके एलाइमेंट को सुधारने के लिए कितनी बार नोटिस दिए, क्या कार्रवाई हुई और इसमें अब तक क्या हुआ। रोड निर्माझा की थिकनेस की जांच की जाए तो जीएसबी ग्रेडिंग की डिजाईन क्या थी और मौके पर क्या उसके तहत काम हुआ। इसकी भी जांच खुदाई करते हुए की जाए। डब्ल्बीएम की क्या डिजाइन पास हुई थी और मौके पर उसके अनुरुप कार्य नहंी हुआ। कोर निकालकर मौके पर ही जांच की जाए। साथ ही भुगतान में शर्तों का पालन नहीं हुआ तो उस पर क्या कार्रवाई हुई। कंसलटेंट व विभाग द्वारा लेआऊट में अनियमितता बरती गई है। इसके कारण कलेक्ट्रेट से लेकर आसपास की कॉलोनी व अन्य जगहों पर जलभराव हो रहा है। इसके बाद भी कार्रवाई नहंी हो रही है। इसके साथ ही इस रोड के किनारों पर बनाए गए पॉर्थवे पूरी तरह बैठ चुके है और सडक़ो पर कई जगहों पर पैबंद लगाए हुए है। डिवाईडर पर अधिकांश जगहों पर पौधे नहीं है। ऐसे में कार्रवाई क्या हुई।