
मंदसौर. वैसे तो पशुपतिनाथ का मंदिर नेपाल में भी है, लेकिन जैसी प्रतिमा एमपी में है, वैसी प्रतिमा देशभर में कहीं नहीं है, हम बात कर रहे हैं मध्यप्रदेश के मंदसौर शहर में स्थित पशुपतिनाथ महादेव मंदिर की, ये भगवान शिव का एकमात्र ऐसा मंदिर है, जिसे आठ मुख हैं। भगवान शिव की यह प्रतिमा अपनी कलात्मकता के कारण श्रद्धालुओं का मन मोह लेती है। यहां सालभर ही देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं।
पशुपतिनाथ महादेव का मंदिर मंदसौर शहर में शिवना नदी के किनारे पर स्थित है, अच्छी बात यह है कि हर साल मां शिवना का पानी भगवान पशुपतिनाथ का अभिषेक करती है, सीधे शब्दों में कहें तो बारिश के दौरान जब शिवना नदी उफान पर आती है तो पशुपतिनाथ महादेव तक पानी पहुंच जाता है। कई बार तो शिवना नदी का पानी इतना अधिक होता है कि प्रतिमा भी पानी में डूब सी जाती है। इस दौरान दर्शन पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है। जो श्रद्धालु आते हैं वे बाहर से ही दर्शन कर लौट जाते हैं।
7.5 फीट ऊंचा है शिवलिंग
पशुपतिनाथ मंदिर सम्पूर्ण विश्व का एकमात्र अष्टमुखी भगवान शिव की प्रतिमा वाला मंदिर है, जो शिवना नदी के तट पर स्थित है। चारों दिशाओं में मंदिर के दरवाजे हैं, प्रवेश द्वार केवल पश्चिम दिशा में ही खुलता है। मंदिर में 7.5 फीट ऊंचा शिवलिंग स्थापित है। प्रतिमा के ऊपर के चार मुख शिव के बाल्यकाल, युवावस्था, अधेड़वस्था, वृद्धावस्था को प्रदर्शित करते है। यह मंदिर मंदसौर जिले का प्रमुख आकर्षण है। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, पशुपतिनाथ के मंदिर कई सदियों पहले निर्माण किया गया था। इस मंदिर के दो प्रमुख आकर्षण रहे हैं। शिवना नदी पर निर्मित मंदिर 90 फुट ऊंचा, 101 फुट लंबा और 30 फुट चौड़ा और इसके शीर्ष पर रखा 100 किलो का एक सुनहरा कलश है जिसकी आभा देखते ही बनती है ।
सावन में लगता है मेला
यहां श्रद्धालु दर्शन करने के लिए देशभर से आते हैं सावन के महीने में यहां मेला लगता है, भगवान के दर्शन करने के लिए भी श्रद्धालुओं की लाइन लगती है, भगवान शिव को सावन में दूल्हे की तरह तैयार किया जाता है।
Published on:
01 Jun 2023 04:55 pm
बड़ी खबरें
View Allमंदसौर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
