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मंदसौर.
सामने से आती गाड़ी फिर भी दौडक़र ट्रेक पार करते हुए यात्री, पूरे प्लेटफॉर्म पर मनमर्जी से घुमने आम लोग, हर कोई आ-जा सकता है किसी के लिए कोई रोक टोक नहीं। यात्री गाड़ी के आने-जाने के समय उतरकर बाहर जाते यात्री हो या दौडक़र गाड़ी पकडऩे वाले यात्री कही कोई रोकने-टोकने वाला तक नहीं है। स्टेशन के अंदर प्रवेश करने की बात हो या प्लेटफॉर्म पर घुमने से लेकर टे्रक पार करने की कही कोई रोक-टोक नहीं। यह कहानी है जिला मुख्यालय पर स्थित रेलवे स्टेशन की। इतना ही नहीं आरपीएफ व जीआरपी के जवान भी ढूंढने से भी नहीं दिख रहे थे। पत्रिका ने सोमवार को मंदसौर स्टेशन पर रतलाम से आने वाले डेमू यात्री गाड़ी के आने के समय वहां पहुंचकर यात्री सुरक्षा को देखा तो यह आलम था। मानों रेलवे स्टेशन पर यात्री सुरभा भगवान भरोसे है। मंडल के रतलाम में हुई घटना से भी यहां किसी ने कोई सबक नहीं लिया।
पशुपतिनाथ मंदिर पर आते है देशभर से भक्त, फिर भी असुरक्षा
विश्व प्रसिद्ध भगवान पशुपतिनाथ मंदिर पर देशभर से भक्तों के आने का सिलसिला चलता रहता है तो मंडी में व्यापार के सिलसिले में भी यहां लोग पहुंचते है। बावजूद इसके यहा सुरक्षा इंतजाम पुख्ता नहीं है। ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों के स्टेशन से बाहर निकलने के दौरान भी कोई टिकिट चेक नहीं कर रहा है तो प्लेटफॉर्म टिकिट की बात तो बहुत दूर की है। ना ही यहां बेवजह घुम रहे लोगों से कोई सवाल कर रहा है और ना ही ट्रेक पर दौड़ते यात्रियों को किसी का डर है। प्लेटफॉर्म के अंदर से लेकर टिकिट घर में भी कुछ ऐसा ही आलम है तो स्टेशन के बाहर खड़े ऑटो रिक्शा संचालको में सवारियों के लिए मची होड़ के बीच वह अंदर तक पहुंच रहे है।
स्टेशन पर नहीं कही पर सीसीटीवी कैमरा
प्लेटफॉर्म पर कोन आ रहा है ओर जा रहा है। इस पर भी किसी की नजर नहीं है। ऐसे में संदिग्ध पर भी नजर नहीं रखी जा रही है। यात्री गाड़ी आने के दौरान गुजरते यात्री पर नजर रखने की बात हो या फिर टिकिट काउंटर से लेकर आरक्षण काउंटर के अलावा प्रतीक्षालय क्षेत्र की बात हो या फिर प्रवेश से लेकर निकासी के गेट हो। कही पर भी सीसीटीवी कैमरो नहीं लगे है। ऐसे में यहां दिनभर की गतिविधियों पर नजर नहीं रखी जा रही है।
१८ गाडिय़ा हर दिन आती-जाती है
मंदसौर स्टेशन पर यात्री गाडिय़ों की आवाजाही देखे तो १८ यात्री गाडिय़ों की आवाजाही होती है। इसमें ५ से लेकर ७ हजार तक यात्री हर दिन इन गाडिय़ों में सफर करते है। यात्रियों के अलावा इन्हें छोडऩे व लेने आने वालों के साथ बाहर खड़े रहने वाले ऑटो रिक्शा चालक के अलावा भी अन्य कई लोग हर दिन प्लेटफॉर्म पर पहुंच रहे है। बावजूद यहां सुरक्षा के लिए ना कैमरा है और ना ही कोई इंतजाम है। यहां तक की किसी पर कोई रोक या टिकिट चेक करने तक का काम नहीं हो रहा है।
कैमरें नहीं लगे है
स्टेशन मास्टर सुभाष मीणा से जब पूछा की यहां कितने जवान है तो उन्होंने कहा कि जवान तो २० है लेकिन अभी कुछ कम है। रतलाम में हुई घटना के बाद यात्री सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतकर्ता के निर्देश पर पूछा तो कहा कि ऐसे तो कोई निर्देश नहीं मिले लेकिन आज आरपीएफ ज्यादा घुम रही है। यहां कोई टिकिट चेक नहीं कर रहा है तो कहा कि टिकिट तो चेक करते है। स्टेशन पर प्लेटफॉर्म, टिकिट घर, प्रवेश-निकासी के गेट कही पर सीसीटीवी कैमरे नहीं है तो कहा कि कैमरे नहीं लगे है।