19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शरद पूर्णिमा तक रहेगा उत्सवी माहौल

शरद पूर्णिमा तक रहेगा उत्सवी माहौल

2 min read
Google source verification
patrika

शरद पूर्णिमा तक रहेगा उत्सवी माहौल

मंदसौर । नगर के सबसे बड़े समाज सूर्यवंशी कुमरावत तंबोली समाज के आराध्य देव पुरुष केशुबावजी महाराज का पांच दिवसीय महोत्सव धार्मिक आस्था व धूमधाम के साथ शनिवार को प्रारंभ हो गया है। आराध्य देव केशुबावजी महाराज की आकृति बनाई जाकर पांच दिनों शरद पूर्णिमा तक पूरे समाज द्वारा उत्सवी माहौल के बीच महोत्सव विभिन्न आयोजनों के साथ मनाया जा रहा है। साथ ही पूरे तंबोली मोहल्ले में उत्सवी माहौल के बीच पांच दिनों तक पूरे मोहल्ले में समाजजनों की भारी उपस्थिति के बीच प्रतिदिन रात्रि में चल समारोह निकाले जाएंगे।
वनपस्तियों से निर्मित प्रतिमा को दिया दूल्हे का रुप
दशहरा पर्व के दूसरे दिन नागर माता तीर्थ धाम परिसर में सायंकाल से विभिन्न धार्मिक आयोजनों के साथ समाजजनों की बड़ी उपस्थिति में ढोल आतिशबाजी जयकारों के गुंजायमान के साथ आराध्य देव केशुबावजी की 6 फीट ऊंची बांस तुलसी मरवाह एक प्रकार का सुगंधित औषधीय पौधे आदि वनस्पतियों से निर्मित प्रतिमा को दूल्हे के रूप में आकार दिया गया। महाआरती के बाद नागर माता तीर्थ धाम परिसर से केशुबावजी का चल समारोह बैंड-बाजे व ढोल आतिशबाजी के साथ प्रारंभ होकर रामपुरा गेट पहुंचा। यहां सूर्यवंशी कुमरावत तंबोली समाज व्यायामशाला के पहलवानों द्वारा जयकारों के साथ आकर्षक हैरतअंगेज प्रदर्शन किए गए। रात्रि करीब 12बजे के बाद केशुबावजी का चल समारोह तंबोली समाज मंदिर श्रीराम मंदिर पहुंचकर चल समारोह संपन्न हुआ। इसके साथ ही केशुबावजी महोत्सव के अंतर्गत प्रतिदिन रात्रि में 24 अक्टूबर शरद पूर्णिमा तक ढोल आतिशबाजी एवं महिमा गीतों के साथ केशुबावजी का दूल्हे के रूप में चल समारोह समाज के पुरुषों एवं युवाओं के द्वारा निकाला जाएगा एवं इसी आयोजन के तहत समाज की महिलाएं युवतियां दुल्हन के रूप में मटकी का आकर्षक श्रंगार के साथ सजा कर पूजा- अर्चना कर चल समारोह पूरे तंबोली मोहल्ले में निकालेंगे।
पांच दिवसीय यह होंगे विभिन्न कार्यक्रम
पांच दिवसीय केशुबावजी महोत्सव को लेकर नया बस स्टैंड विजय स्तंभ के समीप से लेकर पूरे तंबोली मोहल्ले, रामपुरा गेट, श्रीराम मंदिर तक आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया गया है। केशुबावजी महोत्सव के अंतर्गत प्रतिदिन रात्रि में चल समारोह के साथ ही 23 अक्टूबर को रामपुरा गेट पर संगीतमय सुंदरकांड का आयोजन होगा। 24 अक्टूबर शरद पूर्णिमा को नागर माता तीर्थ धाम परिसर से सुबह 11बजे नगर के प्रमुख मार्गो से शोभायात्रा निकाली जाएगी। रात्रि में समाज के प्रत्येक परिवार द्वारा केशुबावजी की पुरुषों द्वारा एवं मटकी रूपी दुल्हन की महिलाओं द्वारा विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की जाएगी। एवं मध्य रात्रि के बाद विधि विधान के साथ एवं परंपरा अनुसार आराध्य देव केशुबावजी का दुल्हन रूपी सजी- धजी मटकी के साथ विवाह संपन्न होगा। विदाई के साथ पांच दिवसीय केशुबावजी महोत्सव का समापन हो जाएगा।