मंदसौर.
शिवना नदी के घाटों व तटों पर सफाई करने के लिए गायत्री परिवार ने श्रमदान अभियान चला रखा है। गायत्री परिवार के स्वच्छता अभियान के तहत पशुपतिनाथ शिवना नदी घाट पर पांच सप्ताह से स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। इसमें स्वच्छता अभियान के श्रमदानियों ने शिवना नदी घाट पर साफ.-सफाई का विशेष कार्य किया जा रहा है और शिवना नदी में पानी के अंदर से गंदगी व गंदे कपड़े, शराब की बोतलें, प्लास्टिक की थैलियों व निर्माल्य विसर्जन किया गया सामान आदि श्रमदानियों ने शिवना नदी में से निकाल कर नगरपालिका के ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर फिकवाया और शिवना नदी के जल को साफ और स्वच्छ सुंदर बनाने का कार्य किया गया है। आज शिवना नदी व घाट जो साफ सुथरे नजर आ रहे हैं सभी श्रमदानियों के तन मन से श्रमदान करने का फल है। श्रमदानी योगेश सिंह सोम ने कहा कि शिवना नदी के किनारे पर रहने वाले सभी नागरिक लक्ष्य बना लें कि शिवना नदी में गंदगी नहीं करेंगे व गंदे कपड़े, शराब की बोतलें, प्लास्टिक थैलियों को पानी में नहीं फेंकेंगे और न फैंकने देंगे तो शिवना नदी शुद्ध हो सकती है। अपशिष्ट पदार्थ नदी में नहीं फेंके उसके लिए एक गार्ड की व्यवस्था की जानी चाहिए। रमेश सोनी ने कहा कि नगर की जनता ही नगर को स्वच्छ और सुंदर बनाने में सहयोग कर शिवना नदी में अपशिष्ट पदार्थ न फेंके व उन्हें जलाकर नष्ट कर दें तो शिवना नदी का जल स्वच्छ और सुंदर होगा। हर्ष शर्मा ने कहा कि जिम्मेदार लोगों को साफ.सफाई और स्वच्छता व शिवना नदी घाट की शुद्धिकरण के कार्य पर ध्यान देना चाहिए। हमने नदी में कई लोगों को किनारे पर कांटे डालकर मछली पकड़ते हुए देखा तथा नदी में पानी में से रेत निकालते हुए देखा गया है पानी में से रेत निकालकर गंदगी को दूर करने के बजाए वापस नदी के जल में प्रवाहित कर देते हैं अगर एकत्रित कर बाहर फेंक दें तो शिवना नदी का जल स्वच्छ और शुद्ध हो सकता है लेकिन वे ऐसा नहीं करते हैं। मछली जल में से गंदगी को साफ कर जल को स्वच्छ बनातीं है। मछली पकडऩे तथा रेत निकालने की अनुमति इन लोगो को किसने दी। रतनलाल कोरीवाल ने कहा कि हमने घाट पर सफाई अभियान के दौरान बहुत सी महिलाओं को कपड़े न धोने व गंदे कपड़ेे अलग धोने की समझाइश दी। बालाराम दर्डिंग ने कहा कि स्वच्छता अभियान के दौरान श्रमदानियों ने शिवना घाट पर छोटी पुलिया के पास दोनों तरफ के घाटों की सफाई व जल को साफ सुंदर और स्वच्छ बनाने के लिए जल में से कुड़ा कचरा जलकुंभी, अपशिष्ट पदार्थों को निकालकर एकत्रित कर फिकवाया। गायत्री परिवार स्वच्छता अभियान ने शिवना शुद्धिकरण का पांच सप्ताह के लक्ष्य लिया था जो पूर्ण हो गया है किंतु पुलिया के पास नीचे गंदगी अधिक है आने जाने वाले लोगों को निकलते समय गंदगी और बदबू का सामना करना पड़ता है। विश्व प्रसिद्ध प्रतिमा के दर्शन करने वाले लोग यह देखकर उनके मन मंदिर में कैसे विचार जागृत होते होंगे यह सोचनीय विषय है। कुछ गंदगी ओर रह जाने के कारण एक सप्ताह ओर अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है इसके बाद स्वच्छता अभियान अन्य जगह पर चलाया जाएगा। उन्होंने शहर के आम लोगों के साथ ही शासन-प्रशासन के अधिकारियों व नगरपालिका के कर्मचारियों, पशुपतिनाथ मंदिर समिति, जनप्रतिनिधियों से भी इस ओर ध्यान देने का आह्वान किया।