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ससुराल में जिस रावण प्रतिमा की दशहरे पर होती है पूजा, उस पर झाडिय़ों व घास का डेरा

ससुराल में जिस रावण प्रतिमा की दशहरे पर होती है पूजा, उस पर झाडिय़ों व घास का डेरा

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ससुराल में जिस रावण प्रतिमा की दशहरे पर होती है पूजा, उस पर झाडिय़ों व घास का डेरा

ससुराल में जिस रावण प्रतिमा की दशहरे पर होती है पूजा, उस पर झाडिय़ों व घास का डेरा


मंदसौर.
दशहरे के दिन ससुराल में रावण की प्रतिमा की नामदेव समाज पूजा-अर्चना कर परिक्रमा लगाता है। माना जाता है कि मंदसौर रावण का ससुराल था। लेकिन जिस प्रतिमा की दशहरे पर पूजा होती है। वह वर्तमान में बदहाल स्थिति में है। बारिश के बाद आसपास तो ठीक रावण की पूरी प्रतिमा पर कई जगहों पर घास व कटीली झाडिय़ा उग गई है और कई जगहों से प्रतिमा क्षतिग्रस्त हो चुकी है। यहां तक की दशानन का एक मुख भी एक माह पहले ही गिर चुका है जो अब तक ठीक नहीं हो पाया है। समाजजन जिस दशानन की प्रतिमा की पूजा करते है उसी के एक मुख को हाथ में लिए मरम्मत की मांग करते हुए घुम रहे है। हर बार नगर पालिका द्वारा इसकी मरम्मत से लेकर रंग-रोगंन किया जाता है, लेकिन इस बार अब तक ध्यान नहीं दिया गया है। समाजजन भी कई बार इसकी मांग कर चुके है।


शहर के खानपुरा में स्थित रावण की प्रतिमा देखरेख के अभाव में फिर क्षतिग्रसत होने लगी है। शहर में हुई तेज वर्षा के बाद रावण की प्रतिमा का सिर नीचे गिर गया है। इसके साथ ही रावण की प्रतिमा परिसर के आसपास से लेकर प्रतिमा के ऊपर तक झाडिय़ां उग रही है। नगरपालिका दशहरे पर्व के दो-चार दिन पहले ही प्रतिमा की सुध लेती है। दशहरा पर्व के बाद प्रतिमा की देखरेख की तरफ ध्यान नहीं दिया जाता, इसके कारण क्षतिग्रस्त हो जाती है। देखरेख नहीं होने के कारण प्रतिमा की चमक धीरे-धीरे फीकी हो रही है। दशहरे से पहले रावण की प्रतिमा का सिर टूटकर गिर गया है, लेकिन नपा ने अब तक सुध ही नहीं ली।


बिजली गिरने से टूट गई थी प्रतिमा
नामदेव समाज के स्वामित्व वाली रावण प्रतिमा का इतिहास काफी पुराना है। लगभग 80 वर्ष पहले से खानपुरा में रावण की सीमेंट निर्मित प्रतिमा थी। इस पर एक बार बिजली गिरने से टूट गई थी। केवल उसके पैर बचे थे। इसके बाद तत्कालीन नपाध्यक्ष यशपालसिंह सिसोदिया के कार्यकाल में ढाई लाख रुपए की लागत से इस प्रतिमा का पुनर्निर्माण कराया गया था। बाहर के ठेकेदार ने रावण की प्रतिमा को पुराना स्वरूप देते हुए वर्ष 2005 में प्रतिमा को तैयार किया था। पुनर्निर्माण के बाद से ही प्रतिमा की स्थिति काफी खराब होने लगी थी। कई जगह दरारें भी पड़ गई थी। 2007 में तत्कालीन नपाध्यक्ष प्रहलाद बंधवार ने भी रावण की प्रतिमा की ओर ध्यान देकर सभी सिरों को नया लगाया था।


अध्यक्ष-सीएमओ को बताया है
नामदेव समाज के अध्यक्ष अशोक बघेरवाल ने बताया कि दशानन की प्रतिमा की स्थित को सुधारने और झाडिय़ा हटाने से लेकर सफाई के साथ जो मुख टूट गया उसे दुरुस्त करने के लिए एक सप्ताह पहले नपाध्यक्ष से लेकर अन्य जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया था। नपा सीएमओ को भी बता दिया है। पर अब तक सुधार कार्य की शुरुआत नहीं हुई है।


काम शुरु हो रहा है
रावण की प्रतिमा की मरम्मत को लेकर निर्देश जारी किए गए है। इसका काम जल्द शुरु हो रहा है। -पीके सुमन, सीएमओ