1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

 #Video देखे : प्रजा का हाल जानने निकले राजाधिराज पशुपतिनाथ

- भगवान पशुपतिनाथ की शाही सवारी सुबह 10.30 बजे से हुई शुरू

2 min read
Google source verification

image

vikram ahirwar

Jul 31, 2017

Mandsaur news

Mandsaur news


मंदसौर.
दशपुर के राजाधिराज अष्टमुखी भगवान श्री पशुपतिनाथ महादेव श्रावण मास के अंतिम सोमवार को शहर का भ्रमण कर प्रजा का हाल निकले। भोलेबाबा आशुतोष की शाही सवारी सुबह करीब 10.30 बजे मंदिर परिसर से शुरू हुई। पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान पशुपति की रजत प्रतिमा शाही रथ में विराजित की गई। बाद में रथ को श्रद्धालु खींचते चले। उल्लेखनीय है कि शाही सवारी अवसर पर प्रशासन ने सोमवार को मंदसौर तहसील क्षेत्र में स्थानीय अवकाश घोषित किया है। पुलिसकर्मियों सहित करीब 300 लोग सवारी की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात है।

Mandsaur news
सवारी का है 21वां वर्ष
शाही सवारी का यह 21वां वर्ष है। भगवान की रजत प्रतिमा का अभिषेक सुबह करीब 8.30 बजे किया गया। बाद में रथ में ही रजत प्रतिमा का मनमोहक श्रृंगार किया गया कार्यक्रम में सांसद सुधीर गुप्ता, विधायक यशपालसिंह सिसौदिया, जगदीश देवड़ा, भाजपा जिलाध्यक्ष देवीलाल धाकड़, कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव, एसपी मनोज सिंह सहित कई संत व समाजसेवी पूजन अर्चन कर रजत प्रतिमा को रथ में विराजत किया और शाही रथ को अपने हाथों से खिंचकर धर्मलाभ लिया।

Mandsaur newsMandsaur news
पंजाबी ढोल व मुंबई का ढोल है आकर्षण
शाही सवारी के आगे महिलाओं, युवतियों, बालिकाओं के विशेष परिधानों में बरसाना और वृंदावन का रास नृत्य युवतियों और बालिकाओं ने किया। सवारी में ढोल, नगाढ़े, कड़ाबीन, आर्यवीर दल, झांकियां तो आर्कषण का केन्द्र है, साथ ही सिद्धी विनायक गणपति मुंबई का ढोल आर्कषण का केन्द्र रहा। पंजाबी ढोल पार्टी भी लोगों का बरबस ही ध्यान आकर्षित कर रहे है। पंजाबी ढोल में 12 सदस्य है, जो पंजाब की संस्कृति से अवगत् कराकर पंजाबी ढोल बजाकर पंजाबी नृत्य भी कर रहे है।

Mandsaur news
शाही सवारी में यह भी है विशेष आकर्षण
सवारी में सबसे आगे त्रिशूल, घुड़सवार दल, मंदसौर बंैड, सेजपुरिया अखाडा, ढोल व डांडिया दल के बाद फूलों की तोप, नालछा माता की झांकी, मंदसौर का अखाड़ा, दिल्ली व इंदौर की झांकी, घाटा बिल्लौद का डीजे और इंदौर का राजकमल बैंड है। पंजाबी ढोल, सिद्धी विनायक गणपति मुंबई का ढोल- डीजे एवं युवतियों और बालिकाओं सहित महिलाओं को अलग-अलग गु्रप है। साथ ही वासुदेव- कृष्ण पालना का मनोरम दृश्य एवं कई महिलाएं सिर पर कलश धारण करे हुए पारंपरिक परिधान में शामिल है। इसके बाद ओखाबावजी की झांकी और नपा द्वारा स्वच्छता दल की झांकी एवं महावीर फतेह करें सेवा संस्था द्वारा चायना के वस्तुओं के विरोध में झांकी भी शामिल थी।
यह है शाही सवारी मार्ग
शाही सवारी पशुपतिनाथ मंदिर से प्रारंभ हुई जो खानपुरा, मंडी गेट, सदर बाजार, धानमण्डी, बडा चौक, गणपति चौक, शुक्ला चौक, कालाखेत, नेहरू बस स्टैंड, कालिदास मार्ग, आजाद चौक घंटाघर होते हुए मंदिर प्रांगण पहुंचेगी। शाही सवारी मार्ग को पूरी तरह सजाया गया है।