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किश्तें बकाया होने पर कंपनी अधिकारियों ने पुलिस के साथ मिलकर घर खाली करवाकर लगा दिया ताला

locationमंदसौरPublished: Feb 03, 2024 09:49:22 pm

Submitted by:

Vikas Tiwari

-बीमार पिता को पलंग सहित उठाकर निकलवाया बाहर, वीडियो सोशल मीडिया पर हो रहा वायरल

mandsaur news
किश्तें बकाया होने पर कंपनी अधिकारियों ने पुलिस के साथ मिलकर घर खाली करवाकर लगा दिया ताला

मंदसौर.
पिपलिया मंडी गांव भील्याखेड़ी राम मंदिर के पुजारी की लोन की किश्तें बाकी होने पर मेन्टोर होम फायनेंस कंपनी कर्मचारियों ने पुलिस के साथ मिलकर घर खाली करा दिया और ताला लगा दिया। पुजारी के 100 वर्षीय बीमार पिता को भी पलंग सहित उठाकर बाहर निकलवा दिया। पुजारी किश्तें जमा कराने के लिए भी बोला, लेकिन फायनेंस कंपनी व पुलिस ने नहीं सुनी। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। क्षेत्रवासी फायनेंस कंपनी वालों की निंदा कर रहे है।
जानकारी के अनुसार नाहरगढ़ थानान्तर्गत भील्याखेड़ी निवासी गोविन्ददास बैरागी ने 2015 में मेन्टोर फायनेंस जयपुर से मकान बनाने के लिए 3 लाख का लोन लिया था। पुजारी ने बताया कि लोन देने के दौरान 20 हजार बीमे के व 50 हजार अन्य खर्च के काट लिए। इसके अलावा 10 हजार रुपए लोन की खुशी में मैंने सांवलियाजी मंदिर में दान कर दिए। इसके बाद 70 हजार रुपए किश्तें भरी। कोरोना आने के बाद लॉकडाउन हो गया। बाद में मेरे पिता की तबीयत खराब हो गई। कुल्हा टूटने से वह पलंग पर ही है। वहीं पत्नी भी तबीयत खराब होने से ऑपरेशन कराया व 3 बेटियों का विवाह किया। एक बेटी मेरे पास है जो जिसे आंखों से दिखाई नहीं देता है। आर्थिक स्थिति दयनीय होने से मैं किश्तें नहीं भर पाया। लेकिन मेरी किश्तें भरने की इच्छा थी। मैंने फायनेंस कंपनी वालों को यह बात बताई। लेकिन शनिवार को मेन्टोर फायनेंस कंपनी शाखा मंदसौर के कर्मचारी पुलिस को साथ लेकर मेरे घर आए और मेरे घर के सारे सामान को बाहर निकालकर ताला लगा दिया। मैंने व मेरी पत्नी ने फायनेंस कंपनी के कर्मचारियों व पुलिस वालों से किश्तें जमा कराने का निवेदन भी किया। लेकिन उन्होंने एक न ही सुनी। यहां तक उठ पाने में अक्षम मेरे 100 वर्षीय पिता को भी पलंग सहित बाहर निकाल दिया। मैं मजबूरन खेत पर अपने बड़े भाई के यहां रह रहा हूं। मेरे साथ इस तरह की कार्रवाई कर मुझे अपमानित किया गया हैए दोषियों पर कार्रवाई की जाना चाहिए।
फर्जी कंपनी कर रही शोषण
किसान नेता श्यामलाल जोकचन्द ने बताया कि मंदसौर.नीमच क्षेत्र में फर्जी फायनेंस कंपनियों व समूह लोन देने वालों की भरमार है। यह भोले.भाले लोगों को अपने जाल में फंसा लेते है। अंग्रेजी में लिखे कागजों पर हस्ताक्षर करवा लेते है व अंगूठे लगवा लेते है। कई महिलाओं का भी कंपनी के अधिकारी शोषण कर रहे है। यह फर्जीवाड़ा कर किश्तों की राशि समय पर जमा नहीं करते है और पेनल्टी लगाकर भारी भरकम राशि वसूलते है। कई बार लोग जिन अधिकारियों को लोन की राशि जमा कराते है वह कुछ दिनों बाद बदल जाता है और राशि फिर बाकी निकाल दी जाती है। राशि जमा करने की रसीद भी इन कंपनियों द्वारा नहीं दी जाती है। जोकचन्द ने मांग की कि सरकार इन पर अंकुश लगाए। क्योंकि कई लोग इन फर्जी फायनेंस कंपनी के चंगुल में फंसने के बाद परेशान होकर आत्महत्या कर चुके है। समय रहते इन पर अंकुश नहीं लगा तो यह आमजन का जीना दुश्वार कर देंगे। क्योंकि फायनेंस कंपनी के लोग किश्तें जमा नहीं होने पर गुण्डागर्दी पर उतर जाते है। वसूली के लिए आपराधिक रिकार्ड वाले उठाईगिरे बदमाशों को तैनात कर रखा है। कभी भी अशांति की स्थिति निर्मित हो सकती है।
किश्तें बाकी थी, 50 किश्तें बाकी है
कंपनी के कलेक्शन मैनेजजर दीपकसिंह राजावत ने बताया पुजारी गोविन्ददास को कई बार नोटिस दिए। लेकिन किश्तें जमा नही कराईए 50 किश्तें बाकी है। कंपनी ने मंदसौर कोर्ट में वाद दायर किया था। जहां भी पुजारी उपस्थित नहीं हुआ। कोर्ट के आदेश के बाद यह कार्रवाई हुई है।
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