63 साल की महिला ने मुकदमा दायर किया कि इस कंपनी का पाउडर इस्तेमाल करने से उसे गर्भाशय का कैंसर हो गया है।
नई दिल्ली। जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी का पाउडर दुनिया भर में फेमस है। कंपनी खासकर छोटे बच्चों के लिए कई तरह के प्रोडक्ट तैयार करती है। लेकिन अमरीका में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। कैलिफोर्निया की एक 63 साल की महिला ने कंपनी के खिलाफ मुकदमा दायर किया कि इस कंपनी का पाउडर इस्तेमाल करने से उसे गर्भाशय का कैंसर हो गया है। महिला का अभी इलाज चल रहा है। हालांकि उसकी हालत बेहद नाजुक है। महिला की ओर पेश वकील ने अदालत में दलील दी कि जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी अपने ग्राहकों को इस बात के प्रति आगाह करने में असफल रही कि पाउडर के यूज से कैंसर होने का खतरा है। इसके बाद अमरीका की अदालत ने जॉनसन एंड जॉनसन महिला को 417 मिलियन डॉलर यानी 2774 करोड़ रुपए का हर्जाना देने का आदेश दिया है। इससे पहले भी बेबी प्रोडक्ट तैयार करने वाली इस कंपनी पर इस तरह के चार मामले दर्ज हो चुके हैं जिनमें कंपनी को हर्जाना देना पड़ा है। लेकिन रकम की बात करें तो ये कंपनी के इतिहास में अब तक सबसे बड़ा हर्जाना है।
क्या है पूरा मामला
जॉनसन एंड जॉनसन का पाउडर इस्तेमाल करने वाली इस महिला को साल 2007 में कैंसर का पता चला। जिसके बाद उसने कंपनी के खिलाफ आदालत में मुकदमा दर्ज कर दिया। चार सप्ताह तक चले कोर्ट ट्रायल में वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुईं। जिसमें अदालत को बताया कि उन्होंने 40 साल तक इस पाउडर का यूज किया। जब उन्होंने इसे इस्तेमाल करना शुरू किया तो उनकी उम्र 11 साल थी। अगर इस प्रोडक्ट पर यह चेतावनी लिखी होती तो वह कब का इसे इस्तेमाल करना बंद कर चुकी होतीं।
पहले कितना देना पड़ा जुर्माना
इससे पहले वरजीनिया की एक महिला की शिकायत पर सेंट लुइस की अदालत ने जॉनसन एंड जॉनसन को 11 करोड़ डॉलर यानी करीब 715 करोड़ रुपए का हर्जाना भरने का आदेश दिया था। उसे 2012 में ओवरियन कैंसर के बारे में पता चला। महिला का दावा था कि वह करीब 40 वर्षों से इस कंपनी का बेबी पाउडर का इस्तेमाल कर रही थी। अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि इस मामले में जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी 99 फीसदी दोषी करार दिया था। वहीं फरवरी 2016 में भी अमेरिका की एक अदालत ने इस कंपनी को 7.2 करोड़ डॉलर का हर्जाना उस महिला के परिवार को देने को कहा था, जिसकी मौत ओवरियन कैंसर की वजह से हो गई थी। मई 2016 में भी यहां की एक अदालत ने कंपनी को एक महिला को 5.5 करोड़ डॉलर हर्जाने के रूप में देने का ओदश दिया था। इस महिला का भी दावा था कि पाउडर लगाने की वजह से उसे ओवरियन कैंसर हो गया।