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अमेरिका-ईरान तनाव, तीसरी तिमाही के नतीजों का बाजार पर रहेगा असर

अमेरिका और ईरान के बीच टकराव से खाड़ी क्षेत्र में पैदा हुए फौजी तनाव के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे इसकी कीमतों में तेजी बनी रह सकती है
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नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार पर इस सप्ताह अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम और डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल का असर देखने को मिलेगा। साथ ही, देश की कुछ प्रमुख कंपनियां चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के अपने वित्तीय नतीजे घोषित करने वाली हैं, जिससे बाजार की चाल तय होगी। इसके अलावा इस सप्ताह देश-विदेश में जारी होने वाले प्रमुख आर्थिक आंकड़ों से भी बाजार को दिशा मिलेगी।

अमेरिका और ईरान टकराव का दिखेगा असर

अमेरिका और ईरान के बीच टकराव से खाड़ी क्षेत्र में पैदा हुए फौजी तनाव के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे इसकी कीमतों में तेजी बनी रह सकती है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में तेजी से भारत में डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल कुंद पड़ सकती है, जिसका प्रभाव घरेलू शेयर बाजार पर पड़ेगा। अमेरिकी एयरस्ट्राइक में ईरानी मेजर जनरल कासिम सुलेमानी की मौत के बाद ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और बढ़ गया है। गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर वह सुलेमानी की मौत का बदना लेने की हिमाकत करेगा तो इसका अंजाम और बुरा होगा, क्योंकि अमेरिका उसके 52 ठिकानों को निशाना बना सकता है।

तिमाही नतीजों पर रहेगी नजर

घरेलू शेयर बाजार में इस सप्ताह के आखिर में शुक्रवार को देश की प्रमुख कंपनी इंफोसिस द्वारा जारी किए जाने वाले तीसरी तिमाही के वित्तीय नतीजों का निवेशकों को इंतजार रहेगा। इसके साथ ही, कुछ अन्य कंपनियों के भी तीसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी होने वाले हैं। फिर देश के औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े भी सप्ताह के आखिरी सत्र के दौरान शुक्रवार को ही आने वाले हैं। सप्ताह के आरंभ में सोमवार को बीते महीने दिसंबर के लिए मार्किट सर्विसेस पीएमआई के आंकड़े जारी होंगे। इन घरेलू आंकड़ों के साथ-साथ एसोसिएशन ऑफ मुच्युअल फंड्स इन इंडिया द्वारा लार्ज-कैप, मिड-कैप और स्मॉल-कैप की श्रेणियों में अर्धवार्षिकी बदलाव का भी कारोबारी रुझान पर असर देखने को मिलेगा। बाजार की नजर, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों और घरेलू संस्थागत निवेशकों के निवेश के प्रति रुझान पर होगी।

इनसे भी पड़ेगा प्रभाव

इसके अलावा अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक मसलों को लेकर होने वाले करार के साथ-साथ अन्य कारकों से विदेशी बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव से भारतीय बाजार प्रभावित रहेगा। चीन में सोमवार को दिसंबर महीने के कैक्सिन सर्विसेस पीएमआई और कैक्सिन कंपोजिट पीएमआई के आंकड़े जारी होंगे। इसके बाद गुरुवार को चीन में महंगाई दर के आंकड़े जारी होंगे। उधर, अमेरिका में भी मार्किट सर्विसेस पीएमआई और मार्किट कंपोजिट पीएमआई के आंकड़े सोमवार को ही जारी होंगे। इसी दिन जापान में मन्युफैक्च रिंग पीएमआई के आंकड़े जारी होंगे। इन आंकड़ों का भी शेयर बाजार पर असर देखने को मिलेगा।