3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

वित्त मंत्री ने दिए संकेत, अगले बजट में इनकम टैक्स में मिल सकती है राहत

बजट 2020-21 में आयकर स्लैब में हो सकते हैं कई अहम बदलाव इकोनॉमी को बूस्ट करने के लिए सरकार ले सकती है कई फैसले

2 min read
Google source verification

image

Saurabh Sharma

Dec 07, 2019

नोटबंदी और जीएसटी से पारदर्शी हुई अर्थव्यवस्था: सीतारमण

नोटबंदी और जीएसटी से पारदर्शी हुई अर्थव्यवस्था: सीतारमण

नई दिल्ली।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ( Finance Minister Nirmala Sitharaman ) ने शनिवार को संकेत दिया कि सरकार इनकम टैक्स स्लैब ( income tax slab ) में बदलाव कर सकती है। सीतारमण ने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आज कहा कि सरकार अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए कई कदमों पर विचार कर रही है और आयकर में कमी करना भी इन्हीं में एक हो सकता है।

यह भी पढ़ेंः-लगातार तीसरे दिन सोने के दाम 250 रुपए टूटे, चांदी भी 800 रुपए लुढ़की

बजट में हो सकता है आयकर पर ऐलान
इस सवाल के जबाव में कि आम लोगों को कितनी जल्दी आयकर में कटौती का तोहफा मिल सकता है वित्त मंत्री ने कहा कि बजट तक का इंतजार कीजिए। आगामी वित्त वर्ष का बजट फरवरी में पेश किया जाना है। देश की अर्थव्यवस्था में वर्तमान में सुस्ती की गिरफ्त में है। हाल में चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़े आए जिसमें अर्थव्यवस्था की रफ्तार जनवरी-मार्च 2013 के बाद के निचले स्तर 4.5 फीसदी पर रह गई। गौरतलब है कि रिजर्व बैंक ने गुरुवार को चालू वित्त वर्ष की पांचवीं द्वैमासिक मौद्रिक नीति में 2019.20 के लिए जीडीपी अनुमान घटाकर पांच फीसदी कर दिया है।

यह भी पढ़ेंः-आम जनता को झटका देने की तैयारी में मोदी सरकार, जीएसटी में हो सकता है बड़ा बदलाव

लिए गए हैं कई अहम फैसले
उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए सरकार निरंतर कदम उठा रही है। दूर-दराज के क्षेत्रों में खपत बढ़ाने के लिए सार्वजिनक क्षेत्र के बैंकों ने पिछले दो माह के दौरान पांच लाख रुपए का ऋण वितरित किया है। बुनियादी सुविधा ढांचे पर जोर दिया जा रहा है जिससे श्रमिक वर्ग तक लाभ पहुंचाया जा सके। इसके अलावा पिछले कुछ माह के दौरान शेयर बाजार से लाभ पर प्रभार बढ़ोतरी का फैसला वापस लिया गया और कंपनी कर को घटाया गया। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का विलय करने समेत कई और निर्णय लिए गए जिससे कि अर्थव्यवस्था को गति दी जा सके।

यह भी पढ़ेंः-नकली सामान बेचने पर ई-कॉमर्स कंपनी पर एफआईआर, इस तरह से चल रही थी धांधली

जीएसटी पर परिषद लेगी कोई फैसला
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के स्लैबों के बदलाव के संबंध में सीतारमण ने कहा कि इस पर कोई भी फैसला जीएसटी परिषद करेगी। मीडिया में ऐसी रिपोर्टें हैं कि जीएसटी की सबसे निचली दर फीसदी को बढ़ाने के साथ ही इसके दायरे में ऐसी वस्तुओं को लाया जा सकता है जिन पर फिलहाल जीएसटी नहीं है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार सामाजिक दायित्वों पर भी पूरा जोर दे रही है। उसका लक्ष्य प्रत्येक नागिरक के पास अपना घर और बिजली पहुंचाने के साथ ही लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने पर है।

Story Loader