
खरीफ सीजन : दालों की कीमतों को नियंत्रित करेगी सरकार
नई दिल्ली। दालों की कीमतों को कम करने के लिए मोदी सरकार ने जरूरी कदम उठाए हैं। कुछ दालों के आयात में छूट के बाद सरकार ने अब राज्य सरकारों को जमाखोरी से बचने के लिए मिल मालिकों, व्यापारियों और अन्य लोगों की तरफ से रखे गए स्टॉक की निगरानी करने का निर्देश दिया है। केंद्र ने मांग को पूरा करने और महंगाई पर काबू पाने के लिए 15 मई को मूंग, उड़द और तुअर को आयात से मुक्त कर दिया था।
पिछले साल अगस्त की बारिश ने मध्य प्रदेश और राजस्थान में मूंग और उड़द के खेतों में कहर बरपाया था, जबकि अक्टूबर के बाद की बारिश ने कर्नाटक और महाराष्ट्र में अरहर की फसल को तबाह कर दिया। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश में फसल खराब होने के कारण रबी चना की प्रति एकड़ पैदावार कम रही। इससे देशभर में दालों की खुदरा कीमतें पूरे साल उच्च स्तर पर रहीं।
समय सीमा बढ़ा दी -
अधिकांश शहरों में सभी दालों की खुदरा कीमतें 70 से 120 रुपए प्रति किलोग्राम के बीच हैं। सरकार ने आयातित तुअर की आवक की समय सीमा एक महीने बढ़ा दी थी और मई के बजाय उसने मार्च महीने की शुरुआत में आयात कोटा की घोषणा कर दी थी।
Published on:
26 May 2021 01:22 pm
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