
Impact of Trump disease will wreak havoc on the global stock markets!
नई दिल्ली। अमरीकी राष्ट्रपति की तबियत को लेकर कई तरह की बातें सामने आ रही हैं मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वैसे तो ट्रंप दंपत्ति ठीक हैं, लेकिन अगल 48 घंटे बेहद अहम है। खास बात तो ये है कि दुनियाभर के लिए भी अगले 48 घंटे बेहद अहम हैं। जब दुनियाभर के शेयर बाजार खुलेंगे तो बांबे से लेकर हांगकांग तक और शंघाई से लेकर नई दिल्ली तक सभी हिले हुए ही दिखाई देंगे। मतलब यह है कि भारत समेत एशिया और उसके बाद अमरीका और यूरोप के शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। बीते शुक्रवार को जब ट्रंप को कोरोना पॉजिटिव होने की खबर मिली थी तो सुबह ग्लोबल वायदा बाजारों के साथ-साथ शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए थे। वैसे भारत में 2 अक्टूबर को गांधी जयंति का अवकाश होने के कारण बाजार बंद थे। ऐसे में इसका असर सोमवार को दिखाई दे सकता है।
भारत में गिर सकता है शेयर बाजार
जानकारों की मानें गुरुवार के बाद से शेयर बाजार में लंबा वीकेंड देखने को मिला है। जिसकी वजह से ग्लोबल बाजार में गिरावट का असर भारतीय शेयर बाजार में देखने को नहीं मिला, लेकिन जब सोमवार को जब बाजार खुलेंगे तो सेंटीमेंट नेगेटिव रहने के आसार हैं। जानकारों की मानें तो बाजार में डेढ़ से दो फीसदी तक की गिरावट देखने को मिल सकती है। जोकि बीते पांच कारोबारी सत्रों की तेजी है। एक्सपर्ट की राय के अनुसार बाजार में ट्रंप के कोरोना होने का दबाव रहेगा। साथ देश में बढ़ते कोरोना वायरस की मामलों का दबाव रहने के आसार हैं। वैसे सितंबर महीने के आंकड़े काफी अच्छे देखने को मिल रहे हैं। ऐसे में बाजार में उतनी गिरावट देखने को ना मिले जितनी उम्मीद लगाई जा रही है।
अमरीकी बाजारों में टूटेगा कहर
प्रेसिडेंशियल इलेक्शन से पहले अमरीका के राष्ट्रपति और रिपब्लिक पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप के कोरोना हो जाने की खबर बेहद गंभीर और बड़ी घटना है। जिसका असर शुक्रवार की तरह सोमवार को भी देखने को मिल सकता है। शुक्रवार को वैसे न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज हरे निशान पर आकर सपाट स्तर पर बंद जरूर हुआ था, लेकिन ट्रंप की बीमारी का दबाव बना रहेगा। नैस्डैक में 2.22 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली थी। जबकि एसएंडपी एक फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ था। डाउ जोंस 134 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुए थे। ऐसे में इन इंडेक्स में फिर से गिरावट संभव है।
यूरोपीय बाजार हो सकते हैं बेहाल
यूरोपीय बाजारों के दो प्रमुख सूचकांक यूरो स्टॉक्स और डीएएक्स दोनों गिरावट के साथ क्रमश: 0.10 फीसदी और 0.33 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुए थे। वहीं एफटीएसई में रिकवरी देखने को मिली थी। फाइनेंशियल टाइम्स एक्सचेंज 0.39 फीसदी की तेजी के साथ बंद हुआ था। सीएससी भी हरे निशान पर रहते 0.02 फीसदी की तेजी के साथ सपाट स्तर पर बंद हुआ था। जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में ट्रंप की बीमारी को लेकर प्रिडक्शन किया जा रहा है उससे यूरोपीय बाजारों में एक से डेढ़ फीसदी की गिरावट देखने को मिल सकती है।
एशियाई बाजारों का कैसा रह सकता रुख
वहीं दूसरी ओर एशियाई बाजारों का रुख भी काफी अहम है। निक्कई, टोक्यो, हेंगसेंग और शंघाई जैसे बाजारों में भी गिरावट का रुख देखने को मिल सकता है। चीन की इकोनॉमिक आंकड़े अच्छे आए हैं। ऐसे में दबाव थोड़ा हल्का रह सकता है। वैसे शुक्रवार को निक्कई 0.67 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ था। वहीं टोक्यो के बाजार में एक फीसदी की गिरावट देखने को मिली थी। हेंगसेंग और शंघाई स्टॉक एक्सचेंज 30 से खुले नहीं है। ऐसे में इन दोनों बाजारों में भी दबाव देखने को मिल सकता है।
Updated on:
04 Oct 2020 01:46 pm
Published on:
04 Oct 2020 11:25 am
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