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इज ऑफ डूइंग बिजनेस मेंं भारत की लंबी छलांग, 100वें स्थान पर पहुंचा

कारोबारी सुगमता पर विश्व बैंक की रिपोर्ट में भारत की रंैकिंग में 30 अंकों का सुधार हुआ है। इस मामले में भारत को दुनिया में 100वीं रैंक मिली है।

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नई दिल्ली। भारत में कारोबार करना अब और भी आसान हो गया है। कारोबारी सुगमता पर विश्व बैंक की रिपोर्ट में भारत की रंैकिंग में 30 अंकों का सुधार हुआ है। इस मामले में भारत को दुनिया में 100वीं रैंक मिली है। पिछले साल भारत की रैंकिंग 130 थी। 190 देशों में भारत को 100वां स्थान मिला है। वित्त मंत्री अरुण जेटली का कहना है कि रिपोर्ट बताती है कि भारत में बिजनेस करना आसान हुआ है। उन्होंने कहा कि पहली बार भारत टॉप 100 देशों में शामिल हुआ है। यह रैंकिंग में किसी देश की सबसे बड़ी उछाल है। अब टॉप 50 में शामिल होना मुश्किल नहीं है। विश्व बैंक ने यह रिपोर्ट मंगलवार को जारी की है। विश्व बैंक की रैंकिंग के 10 संकेतकों में से 9 में भारत ने उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। 3 संकेतकों में भारत टॉप 30 में पहुंच गया है। वहीं भारत दुनिया का एकमात्र देश है जहां इतने अधिक इंडीकेटर्स में सुधार दर्ज किया गया है। सबसे बड़ी कामयाबी छोटे निवेशकों की सुरक्षा के मामले में मिली है। सरकार को भी विश्व बैंक से कुछ इस तरह की ही उम्मीद थी।

इन 9 संकेतकों से हुआ सुधार

1. छोटे शेयरधारकों की सुरक्षा के मामले में 5वां स्थान।
2. बिजली कनेक्शन के मामले में 126वीं रैंकिंग मिली।
3. बिजनेस शुरू करने में 156वीं रैंक मिली है।
4. कांट्रैक्ट लागू करवाने में 164वीं नंबर पर जगह।
5. प्रॉपर्टी रजिस्टर करवाने में 154वां स्थान मिला है।
6. सीमा पार व्यापार में 146वें स्थान पर है।
7. दिवालिया मामलों के निपटारे में भारत की 103वीं रैंकिंग।
8. बिजनेस रैंकिंग में 29वें स्थान पर है।
9. टैक्स पेमेंट के मामले में 119वां स्थान।


ऐसे हुआ सुधार

केंद्र सरकार ने अपने सभी मंत्रालयों को निर्देश दिया था कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के नियमों को आसान बनाए। साथ में राज्यों से भी इस पर सहयोग मांगा गया था। इसका असर रिपोर्ट में दिखाई दिया है।


शामिल नहीं था जीएसटी

विश्व बैंक की रिपोर्ट हर साल 01 जून तक के प्रदर्शन पर आधारित होती है इसलिए इस साल 01 जुलाई से लागू किए जीएसटी का इसमें योगदान नहीं है। जीएसटी को शामिल करने पर इसमें और भी उछाल देखा जा सकेगा।


टैक्स अदा करने में आई 53 अंकों की उछाल

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि टैक्स अदा करने के मामले में भी भारत की रैंकिंग में जबर्दस्त सुधार हुआ है। इस मामले में 2016 में भारत की रैंकिंग 172वीं थी। वहीं 2017 में यह 119 हो गई है।