
Virus and Market Connection
नई दिल्ली। इन दिनों चीन से शुरु हुए कोरोना वायरस ने भारत समेत पूरी दुनिया में डर का माहौल पैदा किया हुआ। एक और चीन में जहां मरने वालो की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है, वही भारत में भी इसके मरीज बढ़ते ही जा रहे हैं। लेकिन हम आपको जो बताने जा रहे हैं उसके बाद आप सोच में पड़ जाएंगे की वायरस आपके पैसे को कैसे डुबा सकता है। लेकिन पत्रिका ने जब वायरस और शेयर बाजार का कनेक्शन देखना शुरु किया तो पता लगा कि केवल कोरोना वायरस ही नही जीका और तमाम तरह के वायरस ने पिछले 17 साल में निवेशकों के पैसा डुबाए हैं। आइए जानते हैं वायरस से कैसे है आपके पैसे का कनेक्शन
17 सालों से बाजार हो रहा प्रभावित
ऐसा पहली बार नही है जब किसी वायरस की वजह से शेयर बाजार प्रभावित हुआ है। यह सिलसिला पिछले 17 सालों से चला आ रहा है। आलम यह है कि इन वायरस का असर दुनिया के मार्केट के साथ-साथ भारतीय बाजारों पर भी साफ देखा गया। सबसे पहले बात करते हैं साल 2003 की। इस साल जनवरी से मार्च तक सार्स नाम के वायरस से जहां दुनिया के बाजारों में निवेशकों के पैसे डूबे वही भारतीय शेयर बाजार में निफ्टी ने भी 11.1% फीसदी का निगेटिव रिटर्न दिया था। इसके बाद साल 2004 में एवियान वायरस से एकबार फिर निफ्टी में -14.7 फीसदी का निगेटिव रिटर्न देखने को मिला।
जीका और कोरोना ने भी किया निराश
आज शेयर बाजार कोरोना वायरस के कारण लगातार गिरावट के दौर में है, लेकिन जब साल 2012 में मर्स और साल 2017 में जीका वायरस का प्रकोप दिखा था। तब भारतीय बाजार के निवेशकों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। अब कोरोना वायरस से केवल एक महीने अबतक 2 फीसदी का निगेटिव रिटर्न बाजार में दिख रहा है।
लगातार बढ़ रही महंगाई
चीन से फैले कोरोना वायरस की वजह से केवल मार्केट निवेशकों को ही नुकसान नही झेलना पड़ रहा बल्कि मोबाइल फोन समेत तमाम इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स के दाम भी बढ़ रहे हैं। कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते चीन से इलेक्ट्रॉनिक्स सामान व मोबाइल एसेसरीज की सप्लाई बंद हो गई है, जिससे इन सामानों के रेट बढ़ गए है। पहले 10 से 12 हजार के एंड्रायॅड फोन की स्क्रीन 1500 रुपये में मिल जाती थी, वहीं अब 2 हजार रुपये तक बाजार में बेची जा रही है।
Updated on:
26 Feb 2020, 12:24 PM IST
Published on:
25 Feb 2020, 6:15 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.