
नर्इ दिल्ली। देश से कालेधन का निपटारा करने के लिए किए नोटबंदी आैर फिर 2000 रुपए का नोट जारी करने का फैसला अब सरकार के लिए कर्इ तरह के सवाल खड़े कर रहा है। बाजार में हो रही बड़े नोटों की किल्लत, खासतौर से 2000 रुपए के नोट की हो रही कमी के बाद से रिजर्व बैंक पर भी सवाल खड़े होने लगें हैं। एेसे में सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या रिजर्व बैंक ने बड़े नोटों की सप्लार्इ को कम कर दी है? क्योंकि अलग-अलग राज्यों से लगातार कैश की किल्लत की खबरें आ रही हैं। जिन राज्यों में कैश की सबसे ज्यादा किल्लत हैं उनमें मध्य प्रदेश , बिहार, गुजरात आैर उत्तर प्रदेश प्रमुख हैंं। मध्य प्रदेश में स्थिति कुछ एेसा है कि सोमवार को खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी इस बात पर आशंका जाहिर कर दी की नोटबंदी एक साजिश है।
ये है कारण
दरअसल बीते काफी समय से देश में 2000 रुपए के नोट की किल्लत देखी जा रही है। एटीएम के साथ बैंकों में भी 2000 रुपए के नोट की आवक कम है। एेसे में अंदेशा जताया जा रहा है कि पीएम मोदी कभी भी 2000 रुपए को नोट को बंद करने का एेलान कर सकते हैं। एक प्रमुख सरकारी बैंक के मैनेजर के अनुसार इस समय भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से बैंकों को 2000 रुपए के नोट नहीं दिए जा रहे हैं। बैंक मैनेजर का कहना है कि आरबीआई के इस कदम से बैंकों में अघोषित रूप से नकदी का सामना करना पड़ रहा है। बैंक मैनेजर का मानना है कि जिस प्रकार से 2000 रुपए के नोट देने पर पाबंदी लगाई जा रही है, उससे कभी भी नोटबंदी जैसी घोषणा हो सकती है।
एटीएम में भी नोटों की किल्लत
बीते कुछ समय से देशभर के एटीएम में भी नोटों की किल्लत हो रही है। इससे लोगों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। एटीएम में नोटों की किल्लत की वजह बैंक आरबीआई से नए नोट नहीं मिलना बता रहे हैं। बैंकों का यह भी कहना है कि आरबीआई की ओर से जारी कि गए 10, 50, 200 के नए नोटों को एटीएम में रखने की सुविधा नहीं हैं। इस कारण भी एटीएम में नोटों की किल्लत हो रही है। हालांकि, आरबीआई ने एटीएम में नोटों की किल्लत को गंभीरता से लेते हुए सभी बैंकों को एटीएम में पर्याप्त मात्रा में नोट उपलब्ध कराने के निर्देश दिया था।
Published on:
17 Apr 2018 10:08 am
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