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दो साल में केरोसिन आैर गैस से इतनी कटी आपकी जेब, 65 फीसदी तक बढ़े दाम

पिछले दो साल में केरोसिन के दाम में 65 फीसदी तक बढ़ोतरी हुर्इ है। इसके साथ ही कुकिंग गैस में 17 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है।
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नई दिल्ली

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Ashutosh Kumar Verma

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Updated: 10 Jul 2018, 2:13 PM IST

LPG gas

दो साल में केरोसिन आैर गैस से इतनी कटी आपकी जेब, 65 फीसदी तक बढ़े दाम

नर्इ दिल्ली। आप भले ही पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से परेशान हों लेकिन सरकार ने पिछले दो साल में केरोसिन आैर एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर भी आपकी जेब जमकर काटी है। पिछले दो साल में केरोसिन के दाम में 65 फीसदी तक बढ़ोतरी हुर्इ है। इसके साथ ही कुकिंग गैस में 17 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है। हालांकि इसके साथ दोनों उत्पादों पर मिलने वाली सब्सिडी में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है। इस साल 1 जून को केरोसिन की दर 25.03 रुपये प्रति लीटर है जो की दो साल पहले यानी 1 जुलार्इ 2016 को ये 15.02 रुपये प्रति लीटर था। तेल कंपनियां प्रति पखवाड़ा इसमें 25 पैसे की बढ़ोतरी कर रही हैं।


सब्सिडी में भी बढ़ोतरी
हालांकि इस दौरान सब्सिडी वाले र्इंधन के बाजार दर में भी 54 फीसदी की बढ़ोतरी हुर्इ है। ये पिछले दो साल में 11.7 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 18 रुपये प्रतिलीटर हो गर्इ है। इसी अवधि में सब्सिडी वाले कुकिंग गैस की सब्सिडी में भी 17 फीसदी यानी 72.39 रुपये प्रति सिलेंडर का इजाफा हुआ है। 1 जून 2018 को सब्सिडी वाला गैस सिलेंडर 493.55 रुपये था। कूकिंग गैस पर सब्सिडी में भी 59 फीसदी का इजाफा हुआ है जिसके बाद ये 129 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 205 रुपये प्रति सिलेंडर हो गया है।


राज्यों को मिलने वाले केरोसिन में कटौती
अापको बता दें कि कुकिंग गैस आैर केरोसिन तेल की दाम को सरकार कंट्रोल करती है लेकिन पिछले कुछ सालों में अन्य पेट्रोलियम पदार्थों पर सरकार ने छूट दे रखा है। सरकार का लक्ष्य है कि लोग प्रदूषण करने वाले केरोसिन तेल का इस्तेमाल कम कर कुकिंग गैस आैर इलेक्ट्रिक र्इंधन का अधिक से अधिक इस्तेमाल करें। पिछले तीन साल में सरकार को इसे लेकर रिकाॅर्ड सफलता मिली है। साल 2017-18 में सरकार ने राज्यों को दिए जाने वाले केरोसिन गैस में 42 फीसदी की कटौती कर 50 लाख किलोलीटर कर दिया है। लेकिन देश के कर्इ सुदूर इलाकों में गरीब परिवार अभी भी केरोसिन तेल का ही इस्तेमाल करते हैं।


केरोसिन की तुलना में पेट्रोल-डीजल के दाम में काफी कम हुर्इ बढ़ोतरी
इसका सबसे बड़ा कारण ये है कि इस तबके के लिए कुकिंग गैस पर सब्सिडी मिलने के बाद भी उनके लिए गैस सिलेंडर खरीदना आसान नहीं है। केरोसिन तेल की तुलना में पेट्रोल-डीजल के दाम में काफी कम इजाफा देखने को मिला है जिसे सरकार अब कंट्रोल नहीं करती है। पिछले दो साल में पेट्रोल के लोकल भाव में 20 फीसदी का ही बढ़ोतरी हुआ है वहीं डीजल के दाम में भी 26.5 फीसदी की ही बढ़ोतरी हुर्इ है।