13 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

महंगे पेट्रोल-डीजल की मार के लिए रहिए तैयार, 12 मई के बाद बढ़ेंगे दाम

जानकारों का मानना है कि 12 मई को शाम 5 बजे वोटिंग खत्म होने के बाद सरकारी तेल कंपनियां कभी भी दामों में बढ़ोत्तरी का एेलान कर सकती हैं।

2 min read
Google source verification
Petrol and Diesel price

नई दिल्ली। बीते एक सप्ताह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल के दामों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। लेकिन भारतीय बाजार में पेट्रोल-डीजल के दामों पर इसका असर नहीं दिख रहा है। इसका फायदा आम लोगों को मिल रहा है। क्रूड ऑयल के दाम बढ़ने के बाद भी पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी नहीं होने से आम लोग राहत महसूस कर रहे हैं। लेकिन यह राहत ज्यादा दिन तक टिकने वाली नहीं है। दरअसल केंद्र सरकार ने कर्नाटक के विधानसभा चुनाव को देखते हुए सरकारी तेल कंपनियों से पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ाने को कहा है। इस कारण 27 अप्रैल से पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। कर्नाटक में 12 मई में चुनाव संपन्न हो जाएंगे। जानकारों का मानना है कि 12 मई को शाम 5 बजे वोटिंग खत्म होने के बाद सरकारी तेल कंपनियां कभी भी दामों में बढ़ोत्तरी का एेलान कर सकती हैं। हालांकि सरकार ने तेल की कीमतें नहीं बढ़ाने संबंधी आदेश देने से इनकार किया है।

5 से 10 रुपए प्रति लीटर की होगी बढ़त

जानकारों के अनुसाल 27 अप्रैल से देश में पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। तब अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें 67 डॉलर प्रति बैरल के आसपास थीं। मौजूदा समय में क्रूड की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास चल रही हैं। इसे क्रूड की कीमतों में बड़ी बढ़ोत्तरी माना जा रहा है। एेसे में संभावना जताई जा रही है कि तेल कंपनियां 12 मई के बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में एकसाथ 5 से 10 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोत्तरी कर सकती हैं।

तेल कंपनियों को होे रहा नुकसान

सरकारी तेल कंपनियों की ओर से 27 अप्रैल से पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी नहीं की गई है। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल के दामों में बढ़ोत्तरी हो चुकी है। इस कारण इन तेल कंपनियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। सूत्रों के अनुसार सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम को 1 अप्रैल को 3.5 रुपए प्रति लीटर का मार्जिन मिल रहा था, जो 1 मई को घटकर 1.9 रुपए प्रति लीटर रह गया है। यदि तेल कंपनियां 12 मई तक डीजल-पेट्रोल के दामों में कोई बढ़ोत्तरी नहीं करती हैं तो उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है।