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नई दिल्ली। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से देश का हर व्यक्ति परेशान हैं। ऊंची कीमतों पर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है। कांग्रेस समेत 21 विपक्षी दल पेट्रोल-डीजल की कीमतों के विरोध में संयुक्त रूप से भारत बंद का आयोजन कर चुके हैं। इसके अलावा कई सामाजिक संगठन भी सरकार से पेट्रोल-डीजल के दाम कम करने की मांग कर रहे हैं। अब पेट्रोल पंप संचालक भी पेट्रोल-डीजल की ऊंची कीमतों के विरोध में आ गए हैं। झारखंड पेट्रोल एवं डीजल एसोसिएशन ने ईंधन कीमतों में वृद्धि के खिलाफ एक अक्टूबर को हड़ताल का आह्वान किया है। संघ के अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने कहा है कि हमने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ एक अक्टूबर को हड़ताल का आह्वान किया है। झारखंड में 1195 पेट्रोल पंप हैं, जिनमें से 500 ने बिक्री में गिरावट दर्ज की है।
50 से 60 किलोलीटर डीजल की बिक्री घटी
संघ के अध्यक्ष के अनुसार झारखंड राज्य में करीब 50,000 से 60,000 किलोलीटर डीजल की बिक्री घटी है। इससे पहले यह दो लाख लीटर रही है। साथ ही एसोसिएशन ने मूल्यवर्धित कर यानी वैट में कमी की मांग की है। झारखंड में वर्तमान में पेट्रोल और डीजल की कीमतें क्रमश: 80.80 रुपए और 77.85 रुपए प्रति लीटर हैं, जिसमें 22 फीसदी वैट है।
एसोसिएशन ने सीएम से मुलाकात का समय मांगा
झारखंड पेट्रोल एवं डीजल एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री रघुवर दास से 20 सितंबर को मुलाकात का समय मांगा है। बीते सप्ताह दास ने कहा था कि डीजल पर वैट में कमी करना संभव नहीं है, क्योंकि यहां से मिला धन विकास कार्यो पर खर्च होता है। तेल की बढ़ती कीमतों से रांची बस एसोसिएशन को किराया बढ़ाकर 30 रुपये तक करने को बाध्य होना पड़ा है।
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Published on:
17 Sept 2018 04:26 pm
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