
Price falling is not sign recession in gold, golden chance to invest
नई दिल्ली। शुक्रवार को भारतीय बाजार के बंद होने के बाद जब अमरीकी बाजारों में सोन के दाम में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। जिसके बाद सोना 1780 डॉलर प्रति ओंस पर आ गया। यानी मौजूदा समय में सोना रिकॉर्ड लेवल से 300 डॉलर तक टूट का है। जिसकी वजह कोरोना वैक्सीन अपडेट को बताया जा रहा है। वैसे दिसंबर में सोने के दाम में 100 से 130 डॉलर प्रति ओंस की और गिरावट देखने को मिल सकती है। जिसकी वजह पोर्टफोलियो में बदलाव को माना जा रहा है।
इसका कारण दिसंबर के महीने में डॉलर में निवेश ज्यादा देखने को मिलता है और सोने में डिमांड काफी कम हो जाती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि सोने के दाम में गिरावट मंदी का संकेत है। आप इसे सोने में निवेश का एक और सुनहरा मौके रूप में भी देख सकते हैं। इसका कारण वल्र्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन का वो बयान है जिसमें कोरोना के तीसरे वेव की बात कही गई है। साथ ही संगठन की ओर से वैक्सीन को लेकर उत्साहवर्धक बयान नहीं दिया है।
1800 डॉलर से नीचे आया सोना
कॉमेक्स के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो सोना 1800 डॉलर से नीचे आ गया है। शुक्रवार को 23.10 यानी 1.28 फीसदी की गिरावट देखने को मिली थी। कॉमेक्स पर 10 जुलाई के इतने निचले स्तर पर आया है। जानकारों की मानें तो जुलाई के महीने में ही सोने की कीमत ने 1800 डॉलर का स्तर तोड़ा था और अगस्त के महीने में 2080 डॉलर पर आ गया था। तब से लेकर अब सोने के दाम में 300 डॉलर प्रति ओंस की गिरावट देखने को मिल चुकी है।
अभी और नीचे टूट सकता है सोना
केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के अनुसार सोने की कीमत में दिसंबर का महीना खत्म होने और गिरावट देखने को मिल सकती है। यह गिरावट 100 से 130 डॉलर प्रति ओंस तक देखने को मिल सकती है। इसका कारण पोर्टफोलियो रिविजन। निवेशक दिसंबर के तहीने में पोर्टफोलियो में बदलाव करते हुए दिखाई देते हैं। वहीं डॉलर में निवेश बढ़ जाता है। जिसकी वजह से डिमांड कम होने की वजह से सोने के दाम में गिरावट देखने को मिलती है। वहीं दूसरी ओर मल्टीपल कोविड वैक्सीन अपडेट भी सोने के दाम में दबाव को बढ़ाए हुए हैं।
मंदी नहीं मौके का संकेत है गिरावट
अजय केडिया कहते हैं कि सोने की कीमत में गिरावट को मौजूदा दौर में मंदी का संकेत मानना गलत होगा। इसे निवेशकों को मौके के रूप में देखने की जरुरत है। उन्होंने कहा जब सोना छलांग मार रहा था तो निवेशक सोना खरीदने का मौका ढूढ़ रहे थे। अब सोना खरीदने का सही मौका होने के बाद भी कीमत को देखकर हाथ खींचना बेवकूफी होगी। आने वाला एक महीना गोल्ड बाइंग के लिहाज से निवेशकों के लिए अच्छा रह सकता है। इस मौके को हाथ से नहीं जाने देना चाहिए।
क्या फिर मिलेगा रिटर्न
अजय केडिया कहते हैं कि दिसंबर के बाद सोने के दाम में एक बार फिर से तेजी देखने को मिल सकती है। इसका कारण है कोरोना वायरस की थर्ड वेव। अगर वल्र्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के बयान को आधार मानें तो जनवरी फरवरी में कोरोना वायरस की थर्ड वेव आने के आसार हैं। वहीं दूसरी ओर वैक्सीन को लेकर भी तक कोई सकारात्मक रुख सामने नहीं आया है। कई कंपनियों की ओर से दावे तो किए गए हैं, लेकिन वो दावों तक ही सीमित नहीं हैं। वल्र्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशनकी ओर से वैक्सीन को लेकर कोई सकारात्मक बयान नहीं दिया है। जिसकी वजह से सोने को सपोर्ट मिलता हुआ दिखाई दे सकता है।
भारत में कम रहेगा असर
भले ही अगले एक महीने में अमरीकी बाजारों में सोने में दबाव देख्चाने को मिलता रहे, लेकिन भारत में इसका असर कम ही देखने को मिल सकता है। इसका कारण है डॉलर में तेजी। अगर डॉलर में तेजी रहती है तो भले ही विदेशों में सोना सस्ता हो जाए, लेकिन भारत में रुपए पर दबाव आने के कारण सोना खरीदना महंगा होगा। जिसकी वजह से भारतीय बाजारों में सोने पर दबाव कम रह सकता है। शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 74.24 रुपए पर आ गया था। जिसके बाद दिसंबर के आखिरी सप्ताह ममें 75 रुपए पार कर जाने की उम्मीद जताई जा रही है।
भारतीय वायदा बाजार में सोना जबरदस्त टूटा
अगर बात भारतीय बाजार में सोना और चांदी के दाम की बात करें तो रिकॉर्ड लेवल से सोना करीब 8000 रुपए और चांदी करीब 21 हजार रुपए तक सस्ती हो चुकी है। शुक्रवार को जब वायदा बाजार बंद हुआ था तो सोना करीब 400 रुपए की गिरावट के साथ 48,125 रुपए प्रति दस ग्राम पर बंद हुआ था। अगस्त के रिकॉर्ड लेवल से सोना 8000 रुपए प्रति दस ग्राम तक सस्ता हो चुका है। जबकि बीते एक सप्ताह में सोना 2310 रुपए प्रति दस ग्राम की गिरावट आ चुकी है। जबकि नवंबर के महीने में सोना 2745 रुपए की गिरावट देखने को मिल चुकी है।
Updated on:
29 Nov 2020 01:19 pm
Published on:
29 Nov 2020 01:09 pm
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