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सोशल मीडिया पर कुछ भी शेयर करने से पहले इसे पढ़े, नहीं तो मुश्किल बढ़ जाएगी

सोशल मीडिया पर जानकारी देने से पहले सोचें।

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नई दिल्ली। आज के डिजिटल दौर में हर इंसान सोशल मीडिया का बढ-चढ़ कर इस्तेमाल कर रहा है। कई लोग तो सोशल मीडिया के जरिए अपना कारोबार भी चला रहे है। लेकिन बाजार की गतिविधियों पर नजर रखने वाले आपकी हर गतिविधि पर नजर बना कर रखें हुए है। इसलिए सोशल मीडिया पर कुछ भी शेयर करने से पहले सौ बार सोंचे। दरअसल भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड यानी सेबी ने निवेश के परामर्श और संवेदनशील सुचनाओं का आदान-प्रदान करने वालो पर नकेल कसना शुरु कर दिया है। इस तरह की सुचनाएं जो व्हाट्सऐप और टेलीग्राम जैसे ऑनलाइन एप और प्राइवेट चैट ग्रुप्स आदि के जरिए फैलाई जाती है। उसके लिए सेबी ने नया फ्रेमवर्क तैयार किया है। जिसके जरिए सेबी उन लोगों को पकड़ सकेगी जो बाजार को गलत सूचनाओं के जरिए भ्रमित करते हैं और उसमें उतार-चढ़ाव कराते हैं।
अनाधृकित रुप से सलाह पर लगाम
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एसएमएस, व्हाट्सऐप, ट्विटर और फेसबुक और अन्य सोशल नेटवर्क, खेल तथा प्रतिस्पर्धा आदि के जरिए निवेश की अनाधिकृत रूप से सलाह देने पर रोक के लिए एक परिचर्चा पत्र पिछले साल जारी किया था। ताकि अनाधृकित रुप से सलाह देने पर लगाम लगाया जा सके। इसी के तहत सेबी ने अब इसके लिए नया फ्रेमवर्क लाई है। इस फ्रेमवर्क के तहत दो प्रमुख एक्सचेंज बीएसई और एनएसई ऐसे सिस्टम हैं जिनमें कोई भी एक टोल-फ्री फोन नंबर, ईमेल या सीधे अपनी वेबसाइट पर टिप-ऑफ सबमिट कर सकता है। गौरतलब है कि डार्क वेब प्लेटफार्मों और कई नए सुरक्षित मैसेजिंग ऐप को ट्रैक करना मुश्किल है क्योंकि सेबी और एक्सचेंज किसी भी छेड़छाड़ की गतिविधियों की जांच के लिए अपने निगरानी प्रणाली पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। गौरतलब है कि सेबी ने बीते कुछ महीनों में बाजार की गतिविधियों को खराब करने वालो पर लगाम कसी है।