15 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सब्सिडी वाले सिलेंडर 2.71 रुपये महंगे हुए, जानिए क्या है नर्इ दरें

रसोई गैस (एलपीजी) के बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर का दाम 55.50 रुपये बढ़ गया है और सब्सिडी वाले सिलेंडर के दाम में 2.71 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।

2 min read
Google source verification
LPG

सब्सिडी वाला सिलेंडर 2.71 रुपये महंगा हुआ, जानिए क्या है नर्इ दरें

नई दिल्ली। रूपए में हुई गिरावट आम आदमी के लिये एक और बुरी खबर लेकर आई है । पहले सब्जियां और अब रसोई गैस के दाम मंहगे हो चुके है। लगातार बढ़ती मंहगाई से आम आदमी का बुरा हाल हो चुका है । रसोई गैस (एलपीजी) के बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर का दाम 55.50 रुपये बढ़ गया है और सब्सिडी वाले सिलेंडर के दाम में 2.71 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह रूपए में हुई गिरावट को भी माना जा रहा है ।


बढ़ोतरी के बाद ये है नर्इ दरें

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के अनुसार, रसोई गैस के बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर पर जीएसटी में संशोधन के चलते कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। कंपनी का कहना है की बिना सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत 493.55 रुपये से बढ़ाकर 496.26 रुपये प्रति सिलेंडर कर दी गई है। कंपनी के अनुसार, दिल्ली में साल में 12 सब्सिडी वाले सिलेंडर का कोटा समाप्त होने के बाद ग्राहकों को जुलाई से बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर पर 55.50 रुपये प्रति सिलेंडर अधिक मूल्य चुकाना होगा। जबकि कोटे के तहत आने वाले सिलेंडर पर 55.50 रुपये से 2.71 रुपये घटाने के बाद 52.79 रुपये प्रति सिलेंडर सब्सिडी उपभोक्ताओं के बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा।


अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी एलपीजी की कीमतों में बढ़ाेतरी

तो वहीं इडियन ऑयल का ये भी कहना है की सब्सिडी वाले आम उपभोक्ता को साल में 14.2 किलो के 12 सिलेंडर सब्सिडी के तहत मिलते हैं. इसके बाद उन्हें बाजार कीमत या बिना सब्सिडी वाला सिलेंडर खरीदना होगा है ।एलपीजी सिलेंडर के दाम में वृद्धि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों में 57 डॉलर प्रति मीट्रिक टन का इजाफा होने के कारण की गई है।पहले ही सब्जियों के बढ़े हुए दामों को झेल रहे आम आदमी को रसोई गैस के दाम मंहगे होने से एक बड़ा झटका लगा है । रसोई गैस की किमतों में इजाफा होने से एक बार फिर आम आदमी की रसोई पर मंहगाई की बुरी मार पड़ी है ।