21 अप्रैल 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

एक सप्ताह में सोना 560 रुपए सस्ता, चांदी 585 रुपए लुढ़की

वैश्विक स्तर पर दोनों कीमती धातुओं में रही गिरावट और घरेलू स्तर पर जेवराती मांग में सुस्ती आने से बीते सप्ताह दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने-चांदी के दामों में भारी गिरावट दर्ज की गई।

2 min read
Google source verification
Gold and Silver

एक सप्ताह में सोना 560 रुपए सस्ता, चांदी 585 रुपए लुढ़की

नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर दोनों कीमती धातुओं में रही गिरावट और घरेलू स्तर पर जेवराती मांग में सुस्ती आने से बीते सप्ताह दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 560 रुपए लुढ़ककर 31,090 रुपए प्रति दस ग्राम पर आ गया। आलोच्य सप्ताह के दौरान औद्योगिक ग्राहकी कमजोर पड़ने से चांदी भी 585 रुपए का गोता लगाकर 40,000 के स्तर से नीचे 39,915 रुपए प्रति किलोग्राम पर आ गई। विश्लेषकों के मुताबिक समीक्षाधीन सप्ताह में अमरीका और चीन के बीच बढ़े विवाद का लाभ पीली धातु को नहीं मिल पाया।

डॉलर की मजबूती से निवेशकों का रूझान घटा

दरअसल अन्य प्रमुख मुद्राओं के बास्केट में डॉलर की मजबूती से निवेशकों का रूझान पीली धातु में घट गया। आलोच्य अवधि में वैश्विक बाजार में पीली धातु के साथ ही सफेद धातु में भी मंदी रही। इस दौरान लंदन का सोना हाजिर 12.40 डॉलर फिसलकर सप्ताहांत पर 1,241.40 डॉलर प्रति औंस पर रहा। इसी तरह से अगस्त का अमरीकी सोना वायदा भी 12.60 डॉलर गिरकर 1,241.80 डॉलर प्रति औंस पर रहा । चांदी भी 021 डॉलर की गिरावट के साथ 15.77 डॉलर प्रति औंस बोली गई।

घरेलू स्तर पर भी कमजोर रही सोने चांदी की मांग

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमती धातुओं में गिरावट और घरेलू स्तर पर मांग कमजोर पड़ने से पीली धातु की चमक फीकी पड़ गई। समीक्षाधीन अवधि में सोना स्टैंडर्ड 560 रुपए फिसलकर 31,090 रुपए प्रति दस ग्राम पर रहा। सोना बिटुर भी इतना ही लुढ़ककर 30,940 रुपए प्रति दस ग्राम बोला गया। इस बीच गिन्नी में कोई बदलाव नहीं हुआ और यह 24,800 रुपए प्रति आठ ग्राम पर स्थिर रही।

40 हजार रुपए प्रति किलो से नीचे आई चांदी

औद्योगिक उठाव कमजोर रहने से बीते सप्ताह चांदी हाजिर 585 रुपए टूटकर 39,915 रुपए प्रति किलोग्राम बोली गई। इस दौरान चांदी वायदा में 745 रुपए की भारी गिरावट रही और यह 39,045 रुपए प्रति किलोग्राम पर रही। हालांकि, इस दौरान सिक्का लिवाली और बिकवाली क्रमश: 75 हजार रुपए और 76 हजार रुपए प्रति सैकड़ा पर टिके रहे।