
मथुरा। गांव मोहनपुर अडूकी में पुलिस की गोली से मासूम माधव की मौत के मामले में दूसरी बड़ी कार्रवाई हुई है। एसएसपी स्वप्निल ममगई ने प्रथम दृष्टया लापरवाही बरतने का दोषी पाते हुए थाना हाईवे और थाना रिफाइनरी के एक दरोगा और पांच सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया है।
ऊर्जामंत्री ने अधिकारियों को दी कड़ी चेतावनी
बता दें कि शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के ऊर्जामंज्ञत्री श्रीकांत शर्मा मोहनपुर अडूकी गांव पहुंचे। यहां उन्होंने माधव के परिजनों से मुलाकात और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। ऊर्जामंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि दोषियों को बचाने की कोशिश करने वाले भी नहीं बख्शे जाएंगे। ऊर्जामंत्री के अडूगी पहुंचने से पहले ही पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई कर दी गई थी। माना जा रहा है कि ऊर्जामंत्री ने अडूकी जाने से पहले अधिकारियों के पेंच कसे, यह कार्रवाई उसीका नतीजा है।
आईजी कर रहे हैं जांच
दरअसल बीती 17 जनवरी को मुठभेड़ के दौरान गांव अडूकी में अमरनाथ के आठ साल के मासूम बेटे माधव को पुलिस की गोली लग गई थी। इसके बाद मासूम माधव को इलाज के लिए ले जाने की बजाय पुलिसकर्मि उसे सड़क पर छोड़ कर भाग गए। बालक की मौत का मामला लखनऊ तक गूंजा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री के संज्ञान में आते ही पुलिस-प्रशासन के बड़े अफसरों की भी हवाइयां उड़ गईं। इसके बाद गुरुवार को आईजी आगरा राजा श्रीवास्तव गांव अडूकी पहुंचे। उन्होंने माना कि प्रथम दृष्टया पुलिस की गोली लगने से माधव की मौत होना प्रतीत हो रहा है। आईजी राजा श्रीवास्तव ने मौके पर ही दो दरोगा और दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया।
मां ने की थी दोषी पुलिसकर्मियओं को जेल भेजने की मांग
आईजी की इस कार्रवाई के बाद माधव के परिवार की तरफ से दोषी पुलिसकर्मियों को जेल भेजे जाने की मांग की जा रही थी। इसी बीज एसएसपी स्वप्निल ममगाई ने गुरुवार की देररात थाना हाईवे पर तैनात दरोगा दीपक दौहरे, सिपाही प्रदीप, अंकित, चंचल, चालक प्रदीप और थाना रिफाइनरी में तैनात सिपाही गजेंद्र सिंह को लाइन हाजिर कर दिया । एसएसपी ने बताया कि लाइन हाजिर किए गए सिपाही घायल माधव को अस्पताल ले जाने के बजाय नवादा पर फेंककर भाग गए थे।
Published on:
20 Jan 2018 04:52 pm
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