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मथुरा में 13 अगस्त तक सभी मंदिर बंद, जन्माष्टमी पर भक्त प्रसारण के माध्यम से कर सकेंगे भगवान कृष्ण के दर्शन

कोरोना महामारी के मद्देनजर मंदिरों में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध के बीच बुधवार को मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा।

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मथुरा

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Neeraj Patel

Aug 10, 2020

मथुरा में 13 अगस्त तक सभी मंदिर बंद, जन्माष्टमी पर भक्त प्रसारण के माध्यम से कर सकेंगे भगवान कृष्ण के दर्शन

मथुरा में 13 अगस्त तक सभी मंदिर बंद, जन्माष्टमी पर भक्त प्रसारण के माध्यम से कर सकेंगे भगवान कृष्ण के दर्शन

मथुरा. कोरोना महामारी के मद्देनजर मंदिरों में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध के बीच बुधवार को मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा, लेकिन ऐसा पहला अवसर होगा जब भक्त जन्माष्टमी (Janmashtami) पर श्रीकृष्ण के दर्शन नहीं कर सकेंगे। कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि जिला प्रशासन व ब्रज के सभी मंदिरों के संचालक, सेवायत एवं प्रबंधकों के बीच हुई वार्ता में कोरोना वायरस महामारी के दिशा-निर्देशों के अनुपालन का निर्णय लिया गया।

मथुरा-वृन्दावन (Mathura-Vrindavan) , गोवर्धन, बरसाना, नन्दगांव, गोकुल, महावन और बलदेव आदि सहित सभी तीर्थस्थलों के मंदिर 10 अगस्त की दोपहर 12 बजे से 13 अगस्त दोपहर बाद तक श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेंगे। हालांकि मंदिर के अंदर सभी कार्य पहले की तरह संपन्न कराए जाएंगे। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को मनाने के लिए श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर में बड़ी तैयारियां की गई हैं। परिसर के सभी मंदिरों (भगवान केशवदेव मंदिर, श्रीगर्भगृह, श्रीयोगमाया मंदिर एवं भागवत भवन) को बड़े ही भव्य एवं दिव्य रूप में सजाया गया है। इसके साथ ही कहा कि कोरोना के मद्देनजर सरकार द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों के अनुपालन में श्रद्धालु इस बार दूरदर्शन व अन्य चैनलों द्वारा टीवी पर सीधे प्रसारण के जरिए श्रीकृष्ण जन्मोत्सव में शामिल हो सकेंगे।

ये है कार्यक्रम का पूरा ब्यौरा

1. प्रातः दिव्य शहनाई एवं नगाड़ों के वादन के साथ भगवान की मंगला आरती के दर्शन होंगे।
2. भगवान का पंचामृत अभिषेक किया जाएगा एवं ठाकुरजी के प्रिय स्त्रोतों का पाठ एवं पुष्पार्चन सम्पन्न होगा।
3. प्रातः 10 बजे भागवत-भवन में युगल सरकार के श्रीविग्रह के श्रीचरणों में दिव्य पुष्पांजलि का कार्यक्रम सम्पन्न होगा।
4. जन्माभिषेक का मुख्य एवं अलौकिक कार्यक्रम रात्रि 11 बजे श्रीगणेश वंदना से शुरु होगा और नवग्रह पूजन कर सम्पन्न होगा।
5. मध्य रात्रि 12 बजे भगवान के प्राकट्य के साथ कन्हैया की प्राकट्य आरती प्रारंभ होगी।
6. केसर आदि सुगन्धित द्रव्यों को धारण किए हुए भगवान श्रीकृष्ण के चल विग्रह मोर्छलासन पर विराजमान होकर अभिषेक स्थल पर पधारेंगे।
7. ठाकुरजी के चल श्रीविग्रह का जन्माभिषेक दूध, दही, घी, बूरा, शहद आदि पंचामृत से होगा।
8. अन्य शास्त्रोक्त सामग्री का भी उपयोग दिव्य महाभिषेक में किया जाएगा।
9. इस कार्यक्रम का टीवी पर सजीव प्रसारण किया जाएगा।