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मथुरा के द्वारिकाधीश मंदिर में इन लोगों के प्रवेश पर रोक. ये है वजह

- कोविड-19 के नियमों का सख्ती से कराया जा रहा पालन- 65 वर्ष से ऊपर का व्यक्ति और 10 वर्ष की उम्र के बच्चे व गर्भवती महिलाओं का प्रवेश मंदिर प्रांगण में वर्जित - भगवान द्वारिकाधीश मंदिर समिति ने लिया फैसला - उम्र 65 वर्ष के लोगों की वर्तमान परिस्थितियों में सेवाएं स्थगित की जाएंगी

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मथुरा

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arun rawat

Dec 07, 2020

फ़ोटो -पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क 

फ़ोटो -पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क 

पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क मथुरा. भगवान द्वारिकाधीश के दीदार के लिए अगर आप आ रहे है और मंदिर में दर्शन करना चाहते है तो ख़बर आपके लिए बेहद बेहद महत्वपूर्व है। मंदिर में आने बाले प्रत्येक भक्त को मंदिर में प्रवेश देने से पहले इनका थर्मल स्कैनिंग मशीन से तापमान मापा जा रहा है। इतना ही नहीं मंदिर के मुख्य द्वार पर सेनेटाइजर से हाथ साफ कराये जाने के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। कोविड-19 के नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है।


भगवान द्वारिकाधीश मंदिर में आने बाले भक्तों को अब कई प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ेगा साथ ही मंदिर में कोरोना काल को देखते हुए इन लोगों को पूरी तरह से बेन कर दिया है। भगवान द्वारिकाधीश मंदिर के मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देशानुसार व पूज्य महाराज की आज्ञानुसार कोविड-19 की गाइड लाइनओं का सख्ती से पालन मंदिर प्रशासन के द्वारा किया जा रहा है। मंदिर प्रशासन के द्वारा यह भी निर्णय लिया गया है कि मंदिर प्रशासन में जो अधिकारी व कर्मचारी कार्य कर रहे हैं और उनकी उम्र 65 वर्ष की है तो वर्तमान परिस्थितियों में उनकी सेवाएं स्थगित की जाएंगी क्योंकि भारत सरकार की गाइड लाइन के अनुसार 65 वर्ष से ऊपर का व्यक्ति और 10 वर्ष की उम्र के बच्चे व गर्भवती महिलाओं का प्रवेश मंदिर प्रांगण में वर्जित है। उन्होंने कहा कि जनता से अनुरोध है कि वह अपने साथ 10 वर्ष की उम्र से कम के बच्चों को दर्शन के लिए ना लाएं साथ ही 65 वर्ष की उम्र से ऊपर के व्यक्ति दर्शन के लिए ना आए। गर्भवती महिला भी दर्शन के लिए न आए और मंदिर के दरवाजे पर लगी एलईडी से ही ठाकुर जी के दर्शन करें और जो भी मंदिर के अंदर आए वह मास्क लगा कर आए सैनिटाइजर से हाथ धोएं और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ दर्शन करें और मंदिर प्रशासन का सहयोग करें।