मथुरा बांकेबिहारी मंदिर कॉरिडोर का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सेवा करने वाले लोगों की याचिका पर 23 जनवरी को कोर्ट सुनवाई करेगा।
मथुरा के वृंदावन में बांके बिहारी कॉरिडोर को लेकर राजभोग सेवा करने वाले लोग विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। यह मामला इलाहाबाद कोर्ट में चल रहा है। अब गोस्वामी समाज ने अपना पक्ष रखते हुए सुप्रीम कोर्ट में SLP यानी यानी स्पेशल लीव पिटीशन दाखिल की है।
यूपी सरकार बांके बिहारी मंदिर में कॉरिडोर बनाने के लिए कुछ समय पहले प्रस्ताव लाई थी। यह फैसला मंदिर की सुरक्षा को देखते हुए लिया गया था। इसके बाद से मंदिर के पास रहने वाले लोग और गोस्वामी समाज इस प्रस्ताव का करारा विरोध कर रहा हैें।
गोस्वामी समाज ने सुप्रीम कोर्ट मे दाखिल की पिटीशन
राजभोग सेवा करने वाले रजत गोस्वामी ने बताया, “हमने सुप्रीम कोर्ट मे कॉरिडोर को लेकर सोमवार को SLP दाखिल की है। इलाहाबाद कोर्ट में इस मामले में कार्यवाही चल रही है। इसी को चुनौती देते हुए हमने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई है। इलाहाबाद कोर्ट में हमारी अपील सुनी नहीं गई है। हमें बोलने का मौका नहीं दिया गया। हम कई सालों से मंदिर की देखभाल कर रहे हैं। फिर भी हमारी बात सुनी नहीं जा रही।”
रजत गोस्वामी ने आगे कहा, “हम लोग चाहते है कि बांके बिहारी मंदिर में कॉरिडोर न बने। यहां रह रहे लोगों को काफी दिक्कतें होंगी। लोगों का रोजगार खत्म हो जाएगा। जिस वजह से हमने यह पिटीशन डाली है। इस वजह से हमने सुप्रीम कोर्ट में अपील की है।”
23 जनवरी को होगी सुनवाई
जस्टिस डॉ. डीवाई चंद्रचूड़ की बैंच जस्टिस पी एस नरसिहा और जस्टिस जेबी पारदीवाला बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर मामले में 23 जनवरी को सुनवाई करेंगे।