
मथुरा। भाई-बहन के प्यार का त्योहार कहा जाने वाला भैयादूज बड़े ही हर्षोल्लास से मनाया जाता है। इस दिन मथुरा में यमुना तट पर विशेष स्नान का आयोजन किया जाता है, जिसे यम्-द्वितीया स्नान कहते हैं। इस विशेष स्नान में एक साथ शामिल हो भाई-बहन मोक्ष प्राप्ति की कामना करते हैं।
यमराज के मंदिर पर होती है प्रार्थना
यम्-द्वितीया, जिसे भैया-दूज भी कहा जाता है। इस दिन मथुरा के विश्राम घाट पर एक विशेष स्नान होता है, जिसमें लाखों भाई-बहन एक साथ मिलकर यमुना के जल में स्नान करते हैं। विश्राम घाट पर ही स्थित यमुना-यमराज मंदिर में पूजा कर मोक्ष-प्राप्ति की कामना करते हैं। इस स्नान की मान्यता है कि जब सूर्य-पुत्र यमराज अपनी बहन यमुना से मिलने यहां आये तो यमुना जी ने उनका खूब आदर-सत्कार किया और दोनों ने इसी विश्राम घाट पर स्नान किया था। इससे प्रसन्न हो यमराज ने अपनी बहन से वरदान माँगने को कहा तो यमुना जी ने वरदान मांगा कि इस दिन इस घाट पर जो भाई-बहन मेरे जल से स्नान करेंगे, उनके सारे पाप दूर होकर उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होगी।
होता है यमराज का पूजन
यमराज का एक मात्र मंदिर है जो इसी विश्राम घाट पर है और स्नान के बाद सभी भाई-बहन इस मंदिर में यमराज की पूजा कर अपने पापों का प्रायश्चित करते हैं।
Published on:
29 Oct 2019 02:06 pm
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