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एनजीटी को प्रशासन पर नहीं विश्वास, भौतिक सत्यापन को नियुक्त कमिश्नर को भेजा गोवर्धन

गोवर्धन परिक्रमा में एनजीटी द्वारा नियुक्त कमिश्नर ने किया निरीक्षण। एनजीटी की 17 बिंदुओं की गाइड लाइन के बाद मौलिक स्थिति का लिया जायजा।

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मथुरा

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Amit Sharma

Jul 12, 2018

National Green Tribunal

एनजीटी को प्रशासन पर नहीं विश्वास, भौतिक सत्यापन को नियुक्त कमिश्नर को भेजा गोवर्धन

मथुरा। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) न्यायालय द्वारा नियुक्त किये गये कमिश्नर आनंद वर्धन शुक्ला ने गुरूवार को गोवर्धन पहुंच कर परिक्रमा का जायजा लिया। विकास से जुड़े सभी महकमों के अधिकारियों के साथ रिटायर्ड पुलिस अधिकारी आनंद वर्धन शुक्ला सबसे पहले मानसी गंगा स्थित मुकुट मुखारबिंद मंदिर पहुंचे। जहां दुग्धाभिषेक किया तथा मानसी गंगा की पूजा की। इसके बाद मानसी गंगा के सौन्दर्यीकरण व उसके जल संशोधन के बारे में जानकारी ली। एनजीटी द्वारा नियुक्त कमिश्नर आनंद वर्धन शुक्ला ने बड़ी परिक्रमा मार्ग स्थित राजस्थान सीमा पर पहुंचे जहां राजस्थान के अधिकारियों से विकास व एनजीटी के 17 बिन्दुओं के अनुरूप कार्य पर चर्चा की। राजस्थान सीमा में कच्चे परिक्रमा मार्ग के संरक्षण के दिशा-निर्देश दिये। इसके बाद पूंछरी का लौठा व श्री नाथ जी के प्राचीन मंदिर के दर्शन किये। इसी दौरान पूर्व में राजस्थान सरकार द्वारा कच्चे परिक्रमा में गिरिराज पर्वत की शिलायें क्षतिग्रस्त कर बनाये जा रहे स्वागत गेट के स्थल का भी निरीक्षण किया। जतीपुरा मुखारबिंद मंदिर पर चढ़ने वाले दुग्ध व इसके निस्तारण पर चर्चा की। राधा कृष्ण संगम कुंड भी पहुंचे।

एनजीटी न्यायालय में होगी रिपोर्ट पेश
विनानी गैस्ट हाउस में अधीनस्थ विभागीय अधिकारियों के साथ मीटिंग कर कमिश्नर शुक्ला ने पत्रकारों से कहा कि एनजीटी ने एक याचिका पर गिरिराज तलहटी में विकास के लिये 17 बिन्दुओं की गाइड लाइन दी थी। तलहटी में उसी के अनुरूप कार्य करने के निर्देश भी दिये थे। शुक्ला ने कहा कि अभी वह निरीक्षण कर कर रहे हैं। अभी बहुत कुछ करना बाकी है। एसटीपी की स्थिति सुधारनी है। सर्विस रोड बनना है। हरियाली आच्छादित करनी है। अतिक्रमण भी हटने हैंं। वह अपनी रिपोर्ट 17 जुलाई के बाद पुनः होने वाले निरीक्षण व विभाग वार समीक्षा उपरांत एनजीटी न्यायालय में पेश करेंगे।

विजीलेंस टीम बनाने का सुझाव
एनजीटी द्वारा नियुक्त कमिश्नर ने विनानी गैस्ट हाउस में समीक्षा के दौरान वन विभाग व लोक निर्माण विभाग से कुण्डों के बारे में चर्चा की। अधिशासी अभियंता एस के वर्मा ने बताया कि परिक्रमा मार्ग में 32 कुण्ड हैं। वहीं दोनों विभागों से वन क्षेत्र में अतिक्रमण चिन्हांकन व ध्वस्तीकरण कि जानकारी ली। डीएफओ ने बताया कि 211 अतिक्रमण उनके विभाग ने चिन्हित किये थे तथा 155 को हटाया जा चुका है। अभी भी कार्य जारी है। इस पर कमिश्नर शुक्ला ने विप्रा व वन विभाग से विजीलेंस टीम बनाने का सुझाव देते हुये कहा कि गत एक दशक में करीब पांच नये मंदिर बन गये हैं जो मुझे दिखे हैं। मैने फोटो भी खींचे हैं लेकिन विभागों की नजर नहीं है।

ये रहे मौजूद

इस अवसर पर एडीएम वित्त व राजस्व रविन्द्र कुमार, एसपी देहात आदित्य कुमार, डीएफओ अरविन्द कुमार, अधिशासी अभियंता पीडब्लूडी एसके वर्मा, एसडीएम गोवर्धन नागेन्द्र सिंह, सीओ जगदीश कालीरमन, रेंजर डीपी सिंह, ईओ गोवर्धन अजय कुमार व राजस्थान प्रशासन के अधिकारी थे।