
मथुरा। जिले के थाना हाईवे क्षेत्र में पुलिस और बदमाशों की मुठभेड़ में आठ साल के मासूम बच्चे की गोली लगने से मौत पर राजनीति शुरू हो गई है। कांग्रेस नेता प्रदीप माथुर ने मामले को लेकर योगी सरकार और पुलिस पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि जब पुलिस ही बदमाशों से चौथ वसूली करेगी तो कानून व्यवस्था का क्या होगा? मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव को मथुरा की ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए, क्योंकि मथुरा प्रमुख धार्मिक शहर है और यहां की कानून व्यवस्था पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है।
पुलिस की गोली से मासूम की मौत
थाना हाइवे क्षेत्र के मोहनपुर में बुधवार को पुलिस और बदमाशों की मुठभेड़ में आठ साल के मासूम माधव को गोली लग गई थी। बताया गया है कि पुलिसकर्मी घायल मासूम को छोड़कर भाग गए थे। परिजनों ने उसे शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया और जहां उसकी मौत हो गई। मासूम की मौत पर अब राजनीतिक शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश सरकार को घेरते हुए कांग्रेस के पूर्व विधायक प्रदीप माथुर ने कहा कि मथुरा में कानून व्यवस्था दिनों दिन बद से बदतर होती जा रही है। पुलिस कुंभकर्ण की नींद सो रही है। एसएसपी के कानों पर जूं नहीं रेंग रही है।
पुलिसकर्मियों को कोई कार्रवाई नहीं
प्रदीप मथुरा ने कहा कि एक मासूम बच्चा की पुलिस की गोली लगने से मौत हो जाती है, लेकिन दोषी पुलिसकर्मियों पर कोई भी कार्रवाई न करना प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है। ऐसे मामले में तो पूरा थाना लाइन हाजिर कर देना चाहिए थे। पता नहीं एसएसपी की क्या मजबूरी है जो अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जबकि शासन से उन्हें खुली छूट मिली हुई है। कांग्रेस नेता ने कहा कि पुलिस पूरे मामले में लीपापोती करने में जुटी हुई है।
पांच लाख रुपए से क्या होगा
कांग्रेस नेता प्रदीप माथुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने मृतक के परिवार को पांच लाख की सहायता राशि देने का ऐलान किया है। योगी जी पांच लाख से क्या होगा। 25 लाख रुपए पीड़ित परिवार को मिलने चाहिए। मुख्यमंत्री बड़े गर्व के साथ पुलिस को समर्थन करते हैं, लेकिन मथुरा में कानून व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ चुकी है। मुख्यमंत्री, डीजीपी और प्रमुख सचिव को मथुरा की तरफ अधिक ध्यान देना चाहिए।
Published on:
18 Jan 2018, 3:20 PM IST
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